धार: मध्य प्रदेश के धार में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां दूल्हे के ‘शेरवानी’ पहनने पर दुल्हन के घर वाले इतने बौखला गए कि उन्होंने बारातियों के साथ जमकर बद्तमीजी कर दी. ये मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी. दूल्हे ने जैसे-तैसे दुल्हन को भगाया और अपनी जान बचाई. दरअसल, दुल्हन के घरवाले चाहते थे कि दूल्हा पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर आए, लेकिन ऐसा न होने पर वे भड़क गए. ये अजोबो-गरीब मामला धार के मांगबयडा गांव का है. विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ धामनोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, धार के अर्जुन कॉलोनी में रहने वाले सुंदरलाल की बारात शुक्रवार को धामनोद के पास मांगबयडा गांव पहुंची थी. यहां जैसे ही उसके फेरे होने का समय आया तो लड़की के घर वाले विवाद करने लगे. दुल्हन के घरवालों ने दुल्हे की शेरवानी पर आपत्ति जताई. वे उसे परंपरा के अनुसार धोती-कुर्ता पहनने का कहने लगे. इधर, दूल्हे और उसके घरवालों ने शेरवानी में ही फेरे लेने की बात कही. इस पर विवाद होने लगा.

विवाद बढ़ता देख दुल्हे के घरवाले उठे और गांव में ही रहने वाले अपने रिश्तेदार कुलदीप के घर चले गए. यहां मामले को लेकर चर्चा होने लगी. ये चर्चा अभी चल ही रही थी कि किसी ने आकर बताया कि बारातियों और घरातियों के बीच जमकर मारपीट हो रही है. लोग एक-दूसरे के ऊपर पत्थर बरसा रहे हैं. ये ड्रामा करीब 4 घंटों तक चलता रहा. इसके बाद दोनों पक्षों ने मामला दर्ज कराया.
दूल्हे ने कहा- रिश्तेदारों के बीच हुआ विवाद
मौके की नजाकत को देखते हुए दुल्हा दुल्हन को लेकर धार रवाना हो गया. यहां दोनों ने सात फेरे लिए. इस मामले पर दूल्हे का कहना है कि वर-वधू के परिजनों के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था. बल्कि, कुछ रिश्तेदार शेरवानी न पहनकर धोती कुर्ता पहनने की जिद करने लगे और उनके बीच विवाद बढ़ गया. धामनोद थाना टीआई सुनील यदुवंशी ने कहा कि दूल्हा-दुल्हन के परिजनों के बीच विवाद की बात सामने आई है. मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. जो भी तथ्य जांच में सामने आएंगे उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी.