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13युवा चिकित्साधिकारी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की मुख्यधारा में शामिल

मसूरी: भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी में 6 माह के कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 3 महिला चिकित्सा अधिकारियों सहित 13 चिकित्सा अधिकारी बल की मुख्यधारा हिमवीरों में शामिल हुए। इससे पूर्व बतौर मुख्य अतिथि अपर महानिदेशक आईटीबीपी मनोज रावत ने भव्य परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। आईटीबीपी परेड ग्राउंड में आयोजित दीक्षांत परेड में नव सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते मुख्य अतिथि अपर महानिदेशक मनोज रावत ने पास आउट होने वाले सभी अधिकारियों को बल की मुख्यधारा में शामिल होने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल 19 हजार फीट तक की उचाई पर स्थित अग्रिम चौकियों में शून्य से 45 डिग्री कम तापमान में भी मुश्किल हालातों में मुस्तैदी से काम करने वाला एक अनुशासित और अति प्रशिक्षित बल है, जो कि देश के अलावा विदेशों में भी महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है चाहे आंतरिक सुरक्षा हो, देश की सीमा सुरक्षा हो, वीआईपी सुरक्षा, प्रतिष्ठित संस्थान, आपदा प्रबंधन या फिर कोई अन्य विशेष कार्य यह बल अग्रणी रहते हुए अपने कार्य का निवर्धन करता है।

 मुख्य अतिथि ने नवनियुक्त अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत तिब्बत पुलिस बल का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। मुख्य अतिथि ने कहा कि बल को नव नियुक्त अधिकारियों से बहुत अपेक्षाएं है, इसलिए बल की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए बल का नाम रोशन करना है। युवा अधिकारी के नाते बल की पुरानी परम्पराओं के निर्वहन के साथ-साथ बल में नये विचारों का भी समावेश करें। क्योंकि इस बल में बहुत सारे अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपर्णा कुमार देश के लिए एक मिसाल है वह पहली महिला हैं जिन्होंने सब कॉन्टिनेंटल माउंटेन क्लाइंब को फतह कर एवरेस्ट में देश का झंडा फहराने का काम किया है वहीं महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण देते हुए आज देश की काम कर रही है। उन्होंने कहाकि ये चिकित्साधिकारी अपनी पढ़ाई के बाद बल में शामिल हुए हैं जिन्हें बल के अनुसार प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे उच्च हिमालयी व दुर्गम स्थानों पर जाकर बल के जवानों को मनोबल बढ़ा सकें व उनको उपचार दे सकें। उन्होंने कहा कि बल के लिए शारिरीक रूप से स्वस्थ्य होना, मस्तिष्क से अलर्ट रहना व जज्बा का होना जरूरी है। इससे पूर्व चिकित्सा अधिकारियों ने संविधान एवं बल के प्रति निष्ठा एवं समर्पण की शपथ ली प्रशिक्षणार्थियों के जीवन में इस महत्वपूर्ण समारोह में मुख्य अतिथि मनोज सिंह रावत अपर महानिदेशक और बल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं इन युवा अधिकारियों के परिजनों ने इनके कंधो पर सितारे सजाकर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी इससे पूर्व इस अवसर पर श्रीमती अपर्णा कुमार भारतीय पुलिस सेवा, महानिरीक्षक एवं  निदेशक अकादमी ने मुख्य अतिथि एवं दीक्षांत समारोह में उपस्थित मसूरी के सम्मानित जन प्रतिनिधियों, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के सेवानिवृत एवं सेवारत अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया व साथ ही इन अधिकारियों को दिये गये प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। इन चिकित्सा अधिकारियों को कठोर लम्बे प्रशिक्षण के दौरान युद्ध कौशल, शस्त्र चालन, शारीरिक प्रशिक्षण, आसूचना मानचित्र अध्ययन, सैन्य शासन, कानून व मानव अधिकार जैसे सैन्य व पुलिस संबंधी विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।

महाराष्ट्र, पंजाब, मणीपुर एवं आसाम से एक-एक प्रशिक्षणार्थी है। दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को विशेष बधाई देते हुए विजेता ट्राफियों से सम्मानित किया। जिनमें सहायक सेनानी  चिकित्सा अधिकारी उदय शंकर चेतिया को ऑन राउण्ड बेस्ट टेªनी, सहायक सेनानी  चिकित्सा अधिकारी एल० वरून सिंह को बेस्ट इन आउटडोर, एवं सहायक सेनानी चिकित्सा अधिकारी गरिमा रावल को बेस्ट इन इनडोर ट्रॉफी से नवाजा गया। दीक्षांत समारोह में उप महानिरीक्षक एवं उपनिदेशक अकादमी अजय पाल सिंह ने मुख्य अतिथि एवं दीक्षांत समारोह में उपस्थित समस्त अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने अपने संबोधन में इन नव अधिकारियों को दिए गए सघन प्रशिक्षण और प्रशिक्षण के प्रति अकादमी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। अंत में भारत तिब्बत सीमा पुलिस के बैंक डिस्प्ले एवं कराटे प्रदर्शन के साथ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ।

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Author: nirbhiknazar

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