देहरादून: उत्तररखंड मे धामी सरकार पार्ट 2 अगले महीने बजट पेश करेगी, इस बार का बजट इसलिए खास होगा क्योंकि इस बार का बजट सरकार जन प्रतिनिधियों के साथ हर वर्ग के लोगों से लोगों से विभिन्न माध्यमों से सुझाव मांगे गए हैं ऑनलाइन और ऑफलाइन सुझाव भी सरकार के पास पहुंचे हैं हैं। जनता आए सुझावों के बीच सरकार को उन चुनौतियों का भी ख्याल करना है जो बजट के लिए बहुत जरूरी है। राजस्व घाटे की भरपाई करके 15वें वित्त आयोग ने राज्य को बहुत बड़ी राहत दी है। इससे राज्य सरकार को पांच साल के लिए 28147 करोड़ मिलेंगे। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज के विभिन्न प्रतिनिधि समूहों की ओर से बजट पर संवाद कार्यक्रम के दौरान मिले सुझावों के आधार पर सरकार आमजन का बजट हो रह है प्रतिनिधि समूहों के सुझावों को शामिल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुसार उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक देश का आदर्श, अग्रणी और विशेष राज्य बनाएंगे।

यानि सीएम धामी ने फिर अपने अनोखे अंदाज़ से साबित कर दिया की वो जनता के हितों का बराबर ख्याल रखते हैं। वहीं उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल का कहना है की बजट ऐसा पेश करेंगे की अगर उत्तराखंड पर 74 हज़ार करोड़ का कर्ज न उतरा तो बढ़ेगा भी नहीं अगवाल का कहना है खर्च कम करके राजस्व को बढ़ाने वाला बजट पेश होगा।
एक तरफ जहां सीएम धामी की इस पहल से जनता खुश वहीं अन्य राजनीतिक दल इस पर सवाल उठा रहे हैं कांग्रेस का कहना है की जनता से पूछकर बजट बनाने की प्रथा शुरू की थी जिसे बीजेपी कॉपी कर रही है । वहीं क्षेत्रीय दल यूकेड़ी का कहना है की बीजेपी ने 2017 मे कहा था की कांग्रेस ने उत्तराखंड को 45 हज़ार करोड़ का कर्जदार बना दिया जिसे हमको उतरना पड़ेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ । जून मे बजट पेश होना है जो जनप्रतिनिधियों और जनता के अलावा हर तबके के कारोबारियों की राय के बाद तैयार किया जा रहा है जिसके लिए खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी कुमाऊँ से लेकर राजधानी देहारादून तक बैठकें कर रायशुमारी कर चुके हैं अब देखने वाली बात ये होगी की पेश होने वाले बजट मे जनहितों का कितना ध्यान रखा जाता है।