Nirbhik Nazar

10 जिलों में ग्रामीण सड़कों पर दौड़ा सकेंगे वाहन, उत्‍तराखंड में सड़कों की गुणवत्ता जांचने को गठित होगी कमेटी – सतपाल महाराज

देहरादून: प्रदेश में सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने को कमेटी का गठन किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को लोनिवि की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क किनारे नालियों के ऊपर बने फुटपाथ से पानी की निकासी न होने के मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। उन्होंने मानसून सीजन के मद्देनजर आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसे तुरंत धरातल पर उतारने और मुख्य मार्गों पर डायवर्जन के समीप बोर्ड लगाने को भी कहा।

बाढ़ सुरक्षा चौकियों से हो अलर्ट की व्यवस्था

कैबिनेट मंत्री महाराज ने लोनिवि के साथ ही अन्य विभागों की भी समीक्षा की। सिंचाई विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी नदियों की ड्रेजिंग सुनिश्चित कर ली जाए। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि जिलेवार बनने वाली बाढ़ सुरक्षा चौकियों के माध्यम से नदियों के जल स्तर बढऩे आदि की सूचना तत्काल आसपास के निवासियों को देने की व्यवस्था को प्रभावी रूप से अमल में लाया जाए।

गढ़वाली कुमाऊंनी व जौनसारी गीतों की प्रतियोगिता

संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आदेश दिए कि अमृत महोत्सव के अवसर पर गढ़वाली, कुमाऊंनी व जौनसारी गीत तैयार करने की प्रतियोगिता आयोजित कराई जाए। इसके लिए प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के लिए 20 हजार, 10 हजार व पांच हजार की पुरस्कार राशि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने लोक-संस्कृति से जुड़े कलाकारों को पहचान पत्र जारी करने और भविष्य में ढोल-दमाऊ वादन के कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा व तिथि तय करने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही गढ़ी कैंट में निर्माणाधीन प्रेक्षागृह की जानकारी ली।

फुनीकुलर रेल की तलाशें संभावना

कैबिनेट मंत्री महाराज ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों से रोपवे परियोजनाओं की प्रगति समेत विभिन्न कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के जिन क्षेत्रों में रोपवे संभव नहीं है, वहां विदेश की तर्ज पर फुनीकुलर रेल की संभावना तलाशी जाए। उन्होंने सतपुली व स्यूंसी में प्रस्तावित झील का कांसेप्ट नोट 15 दिन के भीतर तैयार सिंचाई विभाग को उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने फ्लोटिंग हाउस के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाने, होम स्टे का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, निर्माणाधीन शौचालयों में संकेतांक के तौर पर लाटा-लाटी शब्दों का प्रयोग करने, महाभारत सर्किट के अंतर्गत कैरावैन के लिए कैरावैन पार्क स्थापना को भूमि लीज पर लेने, त्रियुगीनारायण को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए।

10 जिलों में ग्रामीण सड़कों पर दौड़ सकेंगे वाहन

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों पहले बनी उन सड़कों पर भी आने वाले दिनों में वाहन दौड़ सकेंगे, जो पुल न होने के कारण बेकार पड़ी थीं। ऐसी सड़कों पर 151 पुलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 450 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बाद अब कार्य भी शुरू हो गया है। अपर सचिव एवं राज्य में पीएमजीएसवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदयराज सिंह के अनुसार प्रयास ये है कि इस साल के आखिर तक इन सभी पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाए। उत्तराखंड में वर्ष 2000 में पीएमजीएसवाई की शुरुआत होने पर 1867 गांवों को सड़क से जोडऩे के लिए चयनित किया गया। प्रथम चरण में सड़कों का निर्माण शुरु हुआ तो ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि अब वे भी वाहनों से आवाजाही शुरू कर सकेंगे। इनमें तीन सौ से अधिक गांव ऐसे थे, जिनके लिए सड़क तो बनी, लेकिन वे उसका कोई लाभ नहीं उठा पाए। कारण ये कि इन सड़कों पर पडऩे वाले नदी-नालों पर पुलों के निर्माण के लिए कोई प्रविधान ही नहीं किया गया था। लंबी प्रतीक्षा के बाद पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह विषय चर्चा में आया। इसके बाद सरकार ने केंद्र से इन सड़कों पर 151 पुलों के निर्माण के लिए बजट का आग्रह किया। केंद्र ने भी इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी, ताकि ग्रामीणों को सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके।

केंद्र से बजट मिलने के बाद अब पीएमजीएसवाई खंड ने इन पुलों का निर्माण शुरू करा दिया है। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुलों का अविलंब निर्माण सुनिश्चित कराया जाए।

राज्य में पीएमजीएसवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदयराज सिंह ने बताया कि पुलों के निर्माण कार्य का निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है। शासन स्तर से भी प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा शुरू की जा रही है। इसके पीछे मंशा यही है कि पुलों का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो।

इन जिलों में बनेंगे पुल

जिला- संख्या

चमोली- 56

पिथौरागढ़- 25

रुद्रप्रयाग- 14

उत्तरकाशी- 14

टिहरी- 12

बागेश्वर- 12

अल्मोड़ा- 07

नैनीताल- 06

पौड़ी- 03

चम्पावत- 02

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *