देहरादून: उत्तराखंड मे चारधाम यात्रा जारी है 16 लाख श्रद्धालु भगवान के दर्शन करके जा चुके हैं और 55 हजार प्रतिदिन यात्री उत्तराखंड में पहुंच रहे हैं वहीं सूबे के मुखिया ये प्रयास कर रहे हैं की तीर्थ यात्रा मे आयें श्रद्धालुओं को हर सुविधा मुहैया कराई जाए और लगातार श्रद्धालुओं की मौत पर कैसे अंकुश लगाया जाए कैसे तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएँ।
इसी को देखते हुए सीएम धामी एक्टिव मोड मे आ गए हैं। सीएम आवास में धामी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर चिन्ता व्यक्त करते हुए इस सम्बन्ध में प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके लिये एक्सपर्ट कमेटी गठित किये जाने के भी निर्देश दिये थे जिसके बाद ये कमेटी गठित हो चुकी है। कमेटी के चेयरमैन प्रोफेसर हेम चंद्रा को बनाया गया है। सीएम ने कहा कि यात्रा के दौरान हो रही मृत्यु के वास्तविक कारणों की भी सही स्थिति जनता के समक्ष रखी जाए। ताकि चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु आवश्यक एहतियात बरतें। उन्होंने इसके लिये बुजुर्ग एवं अस्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुजुर्ग लोग अपना स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा पर आए, इसकी व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। आपको बता दें चारधाम यात्रा के लिए निकले श्रद्धालुओं में अब तक कुल मृतकों की संख्या 136 हो गई है, जिसमें से 37 महिलाओं के साथ 99 पुरुषों की मृत्यु हुई है. जिसमें गंगोत्री धाम में 11, यमुनोत्री धाम में 34, बद्रीनाथ में 28 और केदारनाथ में सबसे ज़्यादा 63 यात्रियों की मौत हुई है.इसके अलावा करीब 100 से अधिक जानवरों की भी जान जा चुकी है।

चरधाम यात्रा के दौरान सिलसिलेवार मौतों ने चिंता की लारीरें खीच दी हैं और धाकड़ धामी एक्शन मोड मे आ गए हैं सीएम धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं की चारधाम मे आने वाले यात्रियों के लिए हर सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ दी जानी चाहिए और मौतें किस कारण हो रही हैं वो जनता के सामने आना चाहिए। वहीं सीएम धामी की इस पहल को लेकर कांग्रेस भी सराहना कर रही है लेकिन साथ ही साथ कांग्रेस व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठा रही है। वहीं क्षेत्रीय दल यूकेड़ी का कहना है की सरकार बुजुर्गों को यात्रा पर आने से रोक रही है जबकि सरकार को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करानी चाहियेँ। फिलहाल धाकड़ धामी चारधाम यात्रा को लेकर और एक्टिव मोड मे आ गए हैं और अधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है देखने वाली बात ये होगी की अब चरधाम यात्रा मे हो रही मौतों के बारे मे एक्सपर्ट कमेटी क्या आंकलन करती है और कैसे व्यवस्थाएं बेहतर होती हैं।