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नूपुर शर्मा के बयान से किरकिरी, ईरान, कतर और कुवैत ने तलब किया राजदूत, खाड़ी में इंडियन प्रोडक्ट्स का बॉयकॉट

नई दिल्ली: बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणियों के बाद देश-विदेश में व्यापक आक्रोश है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणियों से खाड़ी के कई देशों ने भारतीय दूतावासों में तैनात राजदूतों को तलब किया है। रविवार को सबसे पहले कतर में सरकार ने भारतीय राजदूत को तलब किया। इसके बाद कुवैत और ईरान की सरकारों ने भारतीय राजदूत को तलब कर अपनी आपत्ति जताई है। ईरान, कतर व कुवैत सरकारों ने शासन कर रही बीजेपी के प्रवक्ता नुपुर शर्मा व उनके सहयोगी नवीन कुमार जिंदल के बयानों पर आपत्ति दर्ज कराई है। उधर, इस बयान को लेकर अरब देशों में भारत का जबर्दस्त विरोध हो रहा है। खाड़ी देशों में भारतीय प्रोडक्ट्स को स्टोर्स व दूकानों से हटा दिया गया है। लोग इंडियन प्रोडक्ट्स का बहिष्कार कर रहे हैं। भारतीय सामानों और फिल्मों के बहिष्कार के आह्वान ने सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग हैशटैग के साथ बाढ़ ला दी है।

खाड़ी देशों ने किया भारतीय सामानों का बहिष्कार

निलंबित बीजेपी नेता नुपुर शर्मा के बयान के बाद पीएम मोदी और भारत के खिलाफ पिछले 36 घंटोंसे सऊदी अरब व अन्य खाड़ी देशों में ट्वीटर टॉप ट्रेंड पर है। सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन में सुपरस्टोर्स ने भारतीय पीएम मोदी के करीबी सहयोगी द्वारा पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के बाद भारतीय उत्पादों को हटा दिया है। पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने का वीडियो अरब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आक्रोश शुरू हो गया।

कतर में भारतीय राजदूत ने तुरंत बयान जारी किया

राजदूत दीपक मित्तल ने विदेश कार्यालय में एक बैठक की जिसमें कतर ने नूपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल की टिप्पणियों पर चिंता जताई। कतर में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि राजदूत ने अवगत कराया है कि ट्वीट किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। ये फ्रिंज तत्वों के विचार हैं। भारतीय दूतावास ने कहा कि हमारी सभ्यतागत विरासत और विविधता में एकता की मजबूत सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप, भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है। अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।

विदेश मंत्रालय ने कहा-कुछ लोग दोनों देशों के संबंधों को खराब करना चाहते

भारत सरकार ने भी बयान जारी करते हुए निलंबित बीजेपी नेता नुपुर शर्मा के बयान से खुद को अलग कर लिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि व्यक्ति विशेष का बयान भारत सरकार का बयान नहीं है। ट्वीट किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते हैं। ये अनुषंगी तत्वों के विचार हैं। अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थ जो भारत-कतर संबंध के खिलाफ हैं, इन अपमानजनक टिप्पणियों का उपयोग करके लोगों को उकसाते रहे हैं। हमें ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ मिलकर काम करना चाहिए, जिनका लक्ष्य हमारे द्विपक्षीय संबंधों की ताकत को कम करना है।

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Author: nirbhiknazar

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