अजमेर: कहते हैं कि ईश्वर के घर में देर है अंधेर नहीं। ऐसा ही एक मामला अजमेर से आया है। चार साल से एक महिला की गोद सूनी थी। महिला ने जनाना अस्पताल में चार बच्चों को जन्म दिया है। जिनमें दो बेटे और दो बेटिया हैं। चारों बच्चों को जन्म के बाद एनआईसीयू वार्ड में रखा गया है। जबकि महिला को सामान्य वार्ड में रखा गया है। महिला के पति असलम खान निवासी हटूंडी ने बताया कि उनकी पत्नी फरीदा बानो ने चार बच्चों को जन्म दिया है। फरीदा जब तीन महीने की गर्भवती थी, तब सोनोग्राफी में पता चला कि उसके गर्भ में चार बच्चे पल रहे हैं। डॉक्टर ने जब यह जानकारी फरीदा और उसके परिजन को बताई तो उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

खान ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर वो फरीदा को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया। रात में पहले बच्ची का जन्म हुआ। इसी तरह करीब 29 मिनट के अंतराल में चारों बच्चों का जन्म हुआ। असलम ने बताया कि उनकी शादी को तीन से चार साल हो चुके हैं लेकिन उनके संतान नहीं हो रही थी। ऐसे में जब एक साथ चार बच्चों के पिता बने तो उनके परिवार सहित पूरे गांव में खुशी का माहौल हो गया।
आठ माह के गर्भ में जन्मे बच्चों का वजन कम होने की स्थिति में चारों बच्चों को नर्सरी एनआईसीयू में रखा गया है। जिसमें दोनों बच्चियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है और जबकि दोनों बच्चे ऑक्सीजन पर है। दोनों बच्चियों में से एक की स्थिति चिंताजनक है। चारों नवजात का इलाज किया जा रहा है।