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तिरुवनंतपुरम/पथनमथिट्टा :  केरल के मंत्री साजी चेरियन ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह कदम ऐसे वक्त उठाया, जब वे संविधान के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर विरोध का सामना कर रहे थे। साजी चेरियन ने कहा कि मैंने इस्तीफा दे दिया है और यह मेरा निजी फैसला है। मैंने कभी संविधान को बदनाम नहीं किया। भाषण का एक खास हिस्सा लिया गया और मीडिया ने इसे CPI (M) और LDF को कमजोर करने के लिए गढ़ा। उन्होंने कहा कि मैंने जो कहा था, उसके इस तरह के चित्रण से मैं आहत हुआ। मैं यह भी मानता हूं कि इसका उद्देश्य सत्तारूढ़ वाम सरकार को अस्थिर करना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा संविधान की गरिमा को बरकरार रखने में कई बार विफल रहे हैं।


मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री तिरुवनचूर राधाकृष्णन ने कहा कि उनके भाषण की वजह से इस्तीफा हुआ है। हालांकि, अपने इस्तीफे की घोषणा करने के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने शब्दों के लिए खेद व्यक्त नहीं किया। चेरियन को यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि क्या वह संविधान के खिलाफ अपने बयान पर कायम हैं। दरअसल, चेरियन ने संविधान की आलोचना करते हुए कहा था कि यह शोषण को माफ करता है और इसे इस तरह से लिखा गया है कि इसका इस्तेमाल देश के लोगों को लूटने के लिए किया जा सके। चेरियन ने दक्षिणी जिले के मल्लापल्ली में हाल ही में आयोजित हुए एक राजनीतिक कार्यक्रम में यह बयान दिया था। मंगलवार को कई क्षेत्रीय टेलीविजन चैनलों में इस भाषण का प्रसारण होने के बाद यह मुद्दा सामने आया।

उन्होंने कहा कि हम सभी कहते हैं कि हमारे पास एक बेहतरीन तरीके से लिखा संविधान है, लेकिन मैं कहूंगा कि संविधान इस तरह से लिखा गया है कि इसका इस्तेमाल देश के लोगों को लूटने के लिए किया जा सके।

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Author: nirbhiknazar

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