तिरुवनंतपुरम: केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक मुरली पेरूनेल्ली ने विपक्ष के ‘जय भीम’ नारे का मजाक उड़ाकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सदस्यों ने इस पूरे मुद्दे को लेकर विधानसभा में आसन के नजदीक आकर विरोध प्रदर्शन किया और विधायक से माफी मांगने को कहा है. इससे पहले संविधान के खिलाफ टिप्पणी मामले के बाद माकपा के विधायक साजी चेरियन ने राज्य सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. माकपा विधायक मुरली पेरुनेल्ली ने सदन की कार्यवाही के दौरान एक दिन पहले विपक्ष के विरोध का मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘जय भीम के नारे सुनाई दिए. क्या भीम? क्या आप ढह गए पलारीवट्टोम फ्लाईओवर बीम की बात कर रहे थे?

विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ माकपा के नेता संविधान और उसके निर्माताओं का अपमान कर रहे हैं. विपक्ष ने विधायक से इस मामले को लेकर माफी मांगने की भी अपील की है. इससे पहले केरल सरकार के मंत्री साजी चेरियन के संविधान के खिलाफ दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया था और उन्हें आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा.
साजी चेरियन ने कहा था कि भारत का संविधान लोकतंत्र और सेकुलरिज्म जैसी बेवकूफी वाली बात करता है. देश के पास एक लिखित संविधान है लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि इसका इस्तेमाल देश को लूटने के लिए हो रहा है. मजदूरों के लिए तो यह उपयुक्त नहीं है. उनके लिए इस संविधान में सुरक्षा नहीं है. देश का संविधान अडानी-अंबानी जैसे उद्योग पतियों का समर्थन करता है.