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उत्तराखंड मे “सर्वदलीय” समिति पर संग्राम, गबन, “गोदियाल”  और गदर…

देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस खुद को शायद तन्हा महसूस कर रही है यानि विपक्ष कमजोर है या अपने ही लोगों मे गुटबाजी से परेशान है।  आपको बता दें कांग्रेस ने अब प्रदेश में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार को कड़ी चुनौती देने के लिए समान विचारधारा वाले दलों का साथ लेने का निर्णय लिया है क्यनोकी कांग्रेस की कलह किसी से छिपी नहीं है कभी प्रीतम हरीश के बीच गुटबाजी तो कभी नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर नाराजी है । आपको बता दें बीते दिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सर्वदलीय समिति की बैठक बुलाई जिसमे कई समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा अन्य दलों के वरिष्ठ नेता शामिल रहे इस बैठक मे प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को समिति का अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को समन्वयक  नियुक्त किया गया। कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों से आह्वान किया है कि सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध सामूहिक लड़ाई लड़ी जाएगी।  हर महीने समिति की बैठक होगी। इसमें भविष्य के एजेंडे एवं रणनीति पर विचार विमर्श होगा। इस अवसर पर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव भी पारित हुआ की धार्मिक सद्भाव के प्रति समिति दृढ़ संकल्पित रहेगी। वहीं बीजेपी इस बैठक पर सवाल उठा रही है बीजेपी मीडिया सह प्रभारी संजीव वर्मा का कहना है कांग्रेस ने जिस समाजवादी पार्टी को तवज्जो देकर सर्वदलीय बैठक मे बुलाया उस समाजवादी पार्टी के लोगों ने रामपुर तिराहा कांड हमारी माँ बहनों की इज्ज़त से खिलवाड़ किया युवाओं की हत्या कराई उस वक्त कांग्रेस और सपा दोनों की ही सरकार थी और एक बार फिर क्नग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सपा को अपने साथ मिलाकर जो किया वो निंदनीय है।

कांग्रेस चारों तरफ से घिरती जा रही है एक तरफ जहां कांग्रेस के सपा को साथ लेने पर, बीजेपी आगबबूला है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के ऊपर भरष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। बीकेटीसी के सदस्य ने आरोप लगाए हैं कि 2012 से वर्ष 2017 में मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के कार्यकाल में मंदिर समिति में भारी गड़बड़ियां हुई हैं. बदरीनाथ एवं केदारनाथ में भगवान की तिजोरी पर किस तरीके से डाका डाला गया है. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के दो अधिकारियों ने मंदिर अधिनियम 1939 का खुलेआम उल्लंघन करते हुए भगवान के खजाने से करोड़ों लुटा दिए. समिति के सदस्य ने इसकी शिकायत चमोली के प्रभारी मंत्री यानि कैबिनेट मिनिस्टर धन सिंह रावत को पत्र लिखकर की थी।  शिकायत के आधार पर प्रभारी मंत्री ने अब मुख्य सचिव और धर्मस्व सचिव को पत्र लिखकर जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं इस पूरे मामले मे गणेश गोदियाल ने पत्रकार वार्ता कर कहा है की ये मेरे खिलाफ एक सोची समझी साजिश है जिसे कैबिनेट मिनिस्टर करा रहे हैं और तो और पत्रकारों के सामने गोदियाल ने धन सिंह रावत पर ही सवाल उठा दिये गोदियाल ने कहा धन सिंह रावत ने सहकारिता के पैसे से किसी कंपनी में 31 करोड़ के शेयर खरीदे जो की उसकी कीमत अब शुन्य हो चुकी है  इसकी जांच के लिए कमेटी गठित होने चाहिए। आयुष्मान योजना के तहत धन सिंह रावत ने ऐसे हॉस्पिटलों को पेमेंट किया है जो कई सालों से बंद है लेकिन उनके फर्जी बिलों पर करोड़ों रुपए का पेमेंट किया गया इसमें धन सिंह रावत शामिल हैं। गणेश गोदियाल ने कहा कि 1 हफ्ते में जांच के आदेश दिए जाएं नहीं तो मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन कांग्रेस के साथ किया जाएगा। वहीं प्रभारी मंत्री चमोली धन सिंह रावत का  कहना है की इस गोदियाल के ऊपर लगे आरोपों की जांच जरूर की जाएगी और किसी को जांच से घबराना भी नहीं चाहिए।

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Author: nirbhiknazar

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