जयपुर: एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के स्वागत समारोह में प्रवेश को लेकर बीजेपी के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच जोरदार झड़प हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बीजेपी के राज्यसभा सांसद किरोडीलाल मीणा जनजातीय जिलों के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर को आड़े हाथों लेते नजर आ रहे हैं। इसके जवाब में राठौड़ ने किरोड़ी को भी अपने लहजे में नरमी बरतने की सलाह दी।
The #Rajasthan BJP (@BJP4Rajasthan) was left red-faced on Wednesday after an ugly war of words erupted between two senior BJP leaders in #Jaipur over giving entry to some party workers at an event organised for NDA's Presidential candidate #DraupadiMurmu. pic.twitter.com/TS5xFssTTm
— IANS (@ians_india) July 13, 2022
वीडियो में दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बहस चलती नजर आ रही है और बाद में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। दरअसल, होटल क्लार्क्स आमेर में द्रौपदी मुर्मू के स्वागत कार्यक्रम में उन्हीं नेताओं को प्रवेश दिया गया, जिन्हें पास जारी किया गया था। किरोड़ीलाल जनजातीय जिलों के कुछ नेता-कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत के लिए पहुंचे थे।
उनके साथ जा रहे मजदूरों को एंट्री गेट पर रोका तो वे भड़क गए। किरोडीलाल जनजातीय नेताओं को अंदर लेकर पहुंचे। इस दौरान कुछ नेता बीजेपी के झंडे लिए नजर आए। इस पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र ने झंडा बाहर रखने को कहा। शेखावत ने बीजेपी के पक्ष में नारे न लगाने की भी सलाह दी। इसके बाद किरोड़ी लाल और राजेंद्र राठौर के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

हाथापाई का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद, दोनों नेताओं ने स्थिति को समझाया और सुनिश्चित किया कि उनके बीच सब कुछ ठीक है। किरोड़ीलाल ने ट्वीट कर सफाई दी कि जनजातीय मजदूरों को रोकने पर गुस्सा आना स्वाभाविक है, राजेंद्र राठौड़ से कोई मतभेद नहीं है। किरोड़ी ने लिखा- एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का अभिनंदन करने के लिए डूंगरपुर-बांसवाड़ा और अन्य दूरदराज के इलाकों से जयपुर आए जनजातीय कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में प्रवेश नहीं मिला तो मेरे जैसे भावुक व्यक्ति का गुस्सा होना स्वाभाविक था। मैंने राजेंद्र राठौड़ के सामने अपने जनजातीय भाइयों और बहनों की पीड़ा को रखा।
उन्होने ट्वीट किया, “यदि आप अपनी समस्याओं को अपने प्रियजनों के साथ साझा नहीं करेंगे, तो आप किससे कहेंगे? मेरे भाई राजेंद्र राठौर से किसी तरह के मतभेद का सवाल ही नहीं है।” राठौर ने यह भी कहा, “वीडियो को गलत तरीके से पेश किया गया है। मैं और किरोड़ीजी पिछले 30 साल से दोस्त हैं। उन्होंने अपने विचारों को एक भाई के रूप में पूर्ण अधिकार और प्रेम के साथ प्रस्तुत किया।”