देहरादून: केनाल रोड में मिट्टी कटान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है कल तड़के सुबह जिला प्रशासन और एमडीडीए की टीम ने मिलकर मिट्टी कटान पर बाउंड्री वॉल ध्वस्तीकरण कर दिया ध्वतीकरण की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन द्वारा अपने अधिकारियों को निलंबित करते हुए बड़ी कार्रवाई की गई लेकिन सवाल उठता है कि पूर्व जिलाधिकारी आर राजेश कुमार ने जो चालान इन के ऊपर किए थे क्या अब तक वह चालान जमा हो गए हैं या किसी राजनेता से इस चालान को माफ करवाने का प्रयास किया जा रहा है ।
बताते चलें कि देहरादून के दिल मानी जाने वाली राजपुर रोड में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा भूमि समतलीकरण ब बेसमेंट की खुदाई के नाम पर पहाड़ी ( रिज) चार गुना अधिक मिट्टी व उपखनिज खोद देने पर अनिल गुप्ता व मनजीत जौहर पर लाखों का जुर्माना किया था (देखें आदेश) । तत्कालीन डीएम डॉ राजेश कुमार ने 28 व 30 मई 2022 को यह जुर्माना नोटिस भेजा था। जुर्माने की धनराशि लगभग 68 लाख रुपए आंकी गयी थी।
इस जुर्माना नोटिस के लगभग दो महीने बाद अवैध खनन व खुदाई के मामले जिला प्रशासन ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। लेकिन बड़े लोगों पर कब एक्शन लिया जाएगा यह सवाल अभी सत्ता के गलियारों में तैर रहा है।

पूर्व डीएम डॉ राजेश कुमार
इधर, मई में हुए आदेश के मुताबिक महालक्ष्मी बिल्डवैल के प्रो० मनजीत जौहर, निवासी 86/1 राजपुर रोड, पर 63,10,524,00/-(रू० तिरसठ लाख दस हजार पाँच सौ चौबीस मात्र) व अनिल कुमार गुप्ता पुत्र श्री श्याम लाल निवासी 69 मिशन कम्पाउण्ड सहारनपुर को तत्कालीन डीएम डॉ राजेश कुमार ने 28 मई 2022 को 4,76,960/- (रू० चार लाख छिहत्तर हजार नौ सौ साठ मात्र) का जुर्माना नोटिस भेजा था।
गौरतलब है कि इस भूमि के समतलीकरण ब बेसमेंट की खुदाई के लिए जिला प्रशासन ने सिर्फ दो महीने (11 अक्टूबर 2021 से 10 दिसम्बर 2021 ) तक अनुमति दी थी। लेकिन इसके बाद भी पहाड़ (Ridge) खुदाई व अवैध खनन का काम चलता रहा। ताज्जुब की बात यह रही कि बिना MDDA से नक्शा पास कराए प्लाटिंग भी कर दी गयी। इस पूरे मामले पर MDDA के फील्ड कर्मचारी से लेकर बड़े ओहदेदार भी मौन साधे रहे। और अब पूरे मामले से साफ बच निकलने की कोशिश में भी हैं।
राजपुर रोड पर स्थित ग्रेट वैल्यू होटल चौराहे से दायीं तरफ निकल रही कैनाल रोड भी बीते कुछ साल से जमीनों के सौदागरों की पसंदीदा जगह बन गयी है। मसूरी दिशा में जा रही राजपुर रोड व कैनाल रोड लगभग 8- 10 किमी समानांतर चलती है। इन दोनों सड़क को लगभग 10 किमी लम्बाई की पहाड़ी विभक्त करती है। इस पहाड़ी की वजह से कैनाल रोड समानांतर चल रही राजपुर रोड से करीब 35 से 45 फ़ीट नीचे है। प्रॉपर्टी डीलर ने इसी 40 फीट ऊंची पहाड़ी को समतल कर कैनाल रोड और राजपुर रोड की ऊंचाई को बराबरी पर ला खड़ा किया। यह किसी को दिखा नहीं और बड़े लोग आंखें मूंदे रहे।
उल्लेखनीय है कि लगभग 10 किमी लंबाई की इसी रिज/ पहाड़ी पर NIVH संस्थान, स्कूल, सैन्य आवास, कई होटल व निजी मकान बने हुए हैं। जिस भूमि पर अवैध खनन,प्लाटिंग के मामले में प्रशासन ने एक्शन लिया वो इसी भूमि से लगी पहाड़ी का मामला है।

ये है मामला
सहारनपुर के 69 मिशन कंपाउंड निवासी अनिल कुमार गुप्ता की ओर से कैनाल रोड पर पहाड़ काटकर 14,175 वर्ग मीटर भूमि पर समतलीकरण और पुश्ता निर्माण कराया जा रहा था। स्थलीय निरीक्षण और दस्तावेज देखने पर पता लगा कि पूर्व में ली गई समतलीकरण की अवधि समाप्त हो चुकी थी। एमडीडीए की ओर से अवैध भूमि विकास एवं प्लाटिंग का कार्य करने के दृष्टिगत संबंधितों के विरुद्ध उत्तराखंड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत 19 जुलाई को कारण बताओ और कार्य रोकने के नोटिस भी भेेजे गए थे।
बैठक में ध्वस्तीकरण, कार्रवाई के दिए निर्देश
एमडीडीए उपाध्यक्ष बृजेश कुमार संत ने डीएम सोनिका, सचिव प्राधिकरण एमएस बर्निया, निदेशक खनन पैट्रिक, अधीक्षण अभियंता एचसीएस राणा और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय लिया कि अवैध कार्य को तुरंत प्रभाव से ध्वस्त कर दिया जाए। खान अधिकारी को निलंबित किया जाए। भूगर्भ वैज्ञानिक को भी गलत तथ्य पेश कर पहाड़ कटान की स्वीकृति देने पर निलंबित कर दिया जाए। प्राधिकरण के दो सुपरवाइजरों को भी जानकारी न देने के चलते निलंबित किया जाए। भविष्य में इस तरह की प्रकृति वाले स्थलों पर जहां पर्वतों का कटान किया जाना हो, किसी भी प्रकार के विकास कार्य की अनुमति न देने का भी निर्णय लिया गया।