देहरादूनः आइएससी की परीक्षा में उत्तराखंड में दूसरा और देश में तीसरा स्थान (99.25 प्रतिशत) प्राप्त करने वाले दून के सेंट जोजफ्स एकेडमी के छात्र आकर्ष गुंजेश ने लक्ष्य हासिल करने के लिए संतुलित नजरिया अपनाया। उन्होंने दिन-रात किताबों से चिपके रहने की जगह रणनीतिक रूप से अध्ययन किया।
पिता सचिव, हाउस मेकिंग के पेशे से जुड़ी हैं मां
दून निवासी आकर्ष के पिता चंद्रेश यादव आइएएस अधिकारी हैं और उत्तराखंड सरकार में सचिव पद पर तैनात हैं। वहीं, मां गुंजन सक्सेना हाउस मेकिंग के पेशे से जुड़ी हैं। सचिव चंद्रेश यादव बताते हैं कि पढ़ाई को लेकर उन्होंने कभी आकर्ष पर दबाव नहीं बनाया। आकर्ष ने स्वयं संतुलित रूप से अध्ययन कर सफलता हासिल की। उन्होंने रोजाना छह घंटे पढ़ाई की। साथ ही अपने प्रिय खेल बैडमिंटन और फुटबाल को भी समय दिया।

अब उनका लक्ष्य इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का है और वह आइआइटी के लिए तैयारी कर रहे हैं। आकर्ष का कहना है कि पिता और मां ने उन पर भरोसा दिखाया और अपने मुताबिक अध्ययन करने को प्रेरित किया। उन्हें कभी किसी नंबर गेम का हिस्सा बनने की सलाह नहीं दी गई।
विषय पर फोकस करें और उसे रटने की जगह समझने की करें कोशिश
आकर्ष ने कहा कि वह अपने जैसे नवयुवाओं को संदेश देना चाहते हैं कि विषय पर फोकस करें और उसे रटने की जगह समझने की कोशिश करें। परीक्षा में किसी तरह का तनाव न लें और खुद पर नंबर गेम का दबाव न रखें। इसके बाद जो भी नतीजा आएगा, वह बेहतर होगा।