नई दिल्ली : अगर आप राशन कार्ड धारक है तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लीजिए. इस बारे में राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के सवाल के बाद बड़ी जानकारी सामने आई है. पिछले दिनों राज्यसभा में भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी के एक सवाल के जवाब में ग्रामीण विकास और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बड़ी जानकारी साझा की है. पिछले पांच साल में बड़ी संख्या में राशन कार्ड रद्द हुए हैं.
यूपी में 1.42 करोड़ राशन कार्ड रद्द
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि देशभर में 2017 से लेकर 20-21 तक पिछले पांच साल में डुप्लीकेट, अपात्र और जाली कुल 2 करोड़ 41 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अकेले बिहार राज्य में सात लाख 10 हजार राशन कार्ड रद्द हुए हैं. साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि बिहार में 2018 में 2.18 लाख, 2019 में 3.92 लाख, 2020 में 99,404 कुल 7 लाख 10 हजार राशन कार्ड रद्द किए गए. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 1.42 करोड़ राशन कार्ड रद्द किए गए हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र राज्य में 21.03 लाख राशन कार्ड को कैंसल किया गया है.

सोशल मीडिया खूब वायरल हुई यह खबर
इससे पहले यूपी में राशन कार्ड धारकों के कार्ड सरेंडर करने की खबर सोशल मीडिया खूब वायरल हुई थी. इस खबर में दावा किया जा रहा था कि अपात्र राशन कार्ड धारकों को तहसील पर जाकर राशन कार्ड सरेंडर करना है. वरना सरकार की तरफ से उनसे राशन की वसूली की जाएगी. हालांकि बाद में सरकार की तरफ से इस पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया गया कि यूपी की योगी सरकार ने ऐसा कोई भी नियम नहीं बनाया है.
नए राशन कार्ड नहीं बनाए जा रहे
लेकिन अब यूपी सरकार की तरफ से प्रदेश में राशन कार्डों का निरस्तीकरण कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है. यूपी सरकार की तरफ से जारी आदेश के अनुसार अपात्र लोगों का राशन कार्ड की लिस्ट से नाम काटा जाएगा और केवल जरूरतमंदों को ही फ्री राशन का फायदा मिल सकेगा. इसकी शुरुआत यूपी के अलग-अलग जिलों से हो चुकी है. दरअसल, साल 2011 की जनगणना के अनुसार सरकार का राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा हो चुका है. ऐसे में नए राशन कार्ड नहीं बनाए जा सकते.