देहरादून: उत्तराखंड के पुलिस विभाग ने उन चार जवानों को सस्पेंड कर दिया है, जिनके परिजनों ने पुलिस जवानों की 4600 ग्रेड पे मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है. पुलिस विभाग ने 3 पुलिसकर्मियों को कर्मचारी आचरण नियमावली के हवाले से निलंबित कर दिया है. इन पुलिसकर्मियों के परिजनों पर रविवार को निजी रेस्टोरेंट में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का आरोप है. दरअसल पुलिस जवानों के 4600 ग्रेड पे की मांग को लेकर 30 जुलाई को परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि लंबे समय से वो आंदोलन कर रहे हैं और मुख्यमंत्री समेत कई बार उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई, जिसमें उनको केवल आश्वासन ही मिलता रहा. नाराज़ परिजनों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि 7 दिनों के अंदर ग्रेड पे में कोई सरकारी आदेश जारी न होने पर आगामी रविवार 6 अगस्त को पूरे प्रदेश में पुलिस के परिजन उग्र आंदोलन करेंगे.
निलंबित किए गए पुलिस कर्मी
- एसडीआरएफ यमुनोत्री में तैनात कुलदीप भंडारी,
- पुलिस लाइन चमोली में तैनात दिनेश
- पुलिस मुख्यालय में तैनात हरेंद्र

आखिर क्या है पूरा मामला?
फोर्स के कर्मचारियों के इन परिजनों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों पर भी आरोप लगाते हुए कहा था कि अधिकारी नहीं चाहते कि पुलिस जवानों को 4600 ग्रेड पे मिले. बताया जा रहा है कि डीजीपी अशोक कुमार ने उन 3 पुलिस जवानों पर निलंबन की कार्रवाई की है, जिनकी फैमिली लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही थी.
गौरतलब है कि बीते एक साल से पुलिस जवानों के परिजन ग्रेड पे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. असल में अक्टूबर 2021 में पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के पुलिस जवानों के लिए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणा की थी, लेकिन घोषणा पर किसी भी प्रकार का आदेश न निकलने के चलते जवानों के परिजनों ने एक बार फिर आंदोलन करने का ऐलान रविवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में भी किया.