हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस में मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां जिला अस्पताल परिसर में मंगलवार को एक व्यक्ति एक महिला का शव कंधे पर रखकर शव वाहन ढूंढता रहा। महिला की मौत के बाद शव वाहन तक नसीब नहीं हुआ। मजबूरन मृतक महिला के परिजन शव को प्राइवेट ऐंबुलेंस से अपने गांव लेकर गए।
अब हाथरस में मानवता शर्मसार…
शव वाहन तो दूर अस्पताल प्रशासन ने स्ट्रैचर तक नहीं दिया. परिवार वाले एंबुलेंस तलाशते रहे तो पति कंधे पर पत्नी का शव लटकाए घूमता रहा. आखिरकार प्राइवेट एंबुलेंस से शव को परिजन घर ले गए. pic.twitter.com/ZmiOZL9z9d
— Nitesh Ojha (@niteshojha786) August 2, 2022
कंधे पर शव रखकर घूमते रहे परिजन
सरकार लाखों करोड़ों रुपए स्वास्थ्य सेवाओं पर पानी की तरह बहा रही है। जमीनी स्तर पर इसका कितना लाभ आम आदमी को मिल पा रहा है, इसकी बानगी उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को देखने को मिली। पूरा मामला हाथरस जनपद के बागला जिला अस्पताल का है। प्रवेश पत्नी राम खिलाड़ी निवासी गांव चिंतापुर बदन थाना हाथरस जंक्शन की तबियत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गईं। परिजन घबरा गए। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक महिला के देवर उमेश ने बताया कि अस्पताल के किसी कर्मचारी ने उन्हें यह जानकारी तक नहीं दी कि शव वाहन भी उपलब्ध कराया जाता है। जब उन्हें पता चला तो वे शव को कंधे पर रखकर काफी देर तक अस्पताल परिसर में शव वाहन ढूंढते रहे। उन्हें स्ट्रेचर तक मुहैया नहीं कराया गया। मजबूरन मृतका के परिजन शव को प्राइवेट एंबुलेंस से गांव लेकर गए।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मंजीत सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी।