कानपुर(यूपी)। यूपी के कानपुर से बड़ी खबर आ रही है। जहां कानपुर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मास्टरमाइंड गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। बताया जा रहा है कि कानपुर टोल नाके से 25 किलोमीटर दूर विकास दुबे को ला रही एसटीएफ की गाड़ी पलट गई। इस दौरान हत्यारा विकास दुबे ने पुलिस की हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस एनकाउंटर में विकास दुबे की मारा गया। जिसके बाद उसका अंत हो गया।
एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए विकास दुबे की मौत हो गई है। इस एनकाउंटर में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने एनकाउंटर की पुष्टि की है। एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे पुलिसवालों का हथियार छीनकर भाग निकला। उसे सरेंडर करने का मौका दिया गया था।लेकिन विकास दुबे ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में उसे गोली लगी और उसकी मौत हो गई है।

विकास दूबे पिस्टल छीनकर भाग रहा था
एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लाने के दौरान एसटीएफ की गाड़ी दुर्घटना ग्रस्त हुई। विकास दुबे घायल पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने लगा। पुलिस ने कई बार उसे सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे को सीने और कमर में गोली लगी। जिसमें वह घायल होने के बाद मौत हो गयी।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से कल विकास दुबे हुआ था गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से कल यानी गुरुवार को विकास दुबे को एमपी पुलिस ने गिरफ्तार हुआ था। पुलिस की माने तो विकास दुबे महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। पहले माली को शक हुआ। फिर मंदिर के गार्ड ने विकास दुबे की पहचान की।
इसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाया गया। जिसकी पूछताछ में पहले विकास दुबे ने अपना नाम शुभम बताया। लेकिन बाद में खुद को घिरा देखकर उसने चिल्लाया कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और देर रात उसे यूपी एसटीएफ को सौंप दिया गया।
आठ पुलिसकर्मियों की थी विकास दुबे ने हत्या
यूपी के कानपुर के बिकारू गांव के रहने वाले विकास दुबे पर आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या का आरोप था। पुलिस टीम उस पर दबिश के लिए गई थी। तभी पहले से घात लगाए विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हमला बोल दिया था। 200 से 300 राउंड की फायरिंग की गई थी। इस दौरान सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। कानपुर के आठ पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या के बाद विकास दुबे और उसके गुर्गे फरार हो गए थे। विकास दुबे की तलाश में पूरे प्रदेश को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। घटना के 6 दिन बाद गुरुवार को हत्यारा विकास दुबे को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया गया था।