पटना: बिहार सरकार में उद्योग मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, नीतीश कुमार ने बीजेपी का हाथ छोड़कर आरजेडी का दामन थाम लिया. जिसके बाद शहनवाज हुसैन उद्योग मंत्री नहीं रहे. इसी को लेकर उन्होंने एक बयान दिया. जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
‘टेक ऑफ के वक्त उद्योग मंत्री, लैंड करते ही मंत्री नहीं रहा’
दरअसल, मंगलवार को शाहनवाज हुसैन दिल्ली से पटना लौटे. पटना पहुंचने पर बिहार के सियासी माहौल पर पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, ‘मैंने टेक ऑफ किया था, बिहार के उद्योग मंत्री के तौर पर और जब लैंड किया तो पता चला कि मैं उद्योग मंत्री ही नहीं हूं. सरकार बदल गई है.’ इसके बाद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आज भी (मंगलवार को) हमने इनवेस्टर भवन का दिल्ली में उद्घाटन किया. हम काम में लगे थे. हमें तबतक कोई ऐसा अंदाजा नहीं था कि बिहार की सियासत में क्या होने वाला है.
शाहनवाज़ हुसैन का दुःख सुनिए. pic.twitter.com/ui4PcR0Mr4
— Utkarsh Singh (@UtkarshSingh_) August 10, 2022
‘मेरे हवाई जहाज ने जब टेकऑफ किया उस वक्त मैं बिहार का उद्योग मंत्री था. लेकिन जैसे ही लैंड हुआ मुझे पता चला कि मैं मंत्री ही नहीं रहा. आज भी हमने इनवेस्टर भवन का दिल्ली में उद्घाटन किया. हम काम में लगे थे. हमें तबतक कोई ऐसा अंदाजा नहीं था कि बिहार की सियासत में क्या होने वाला है.’- शाहनवाज हुसैन, पूर्व उद्योग मंत्री

नीतीश ने राज्यपाल को सौंप दिया था इस्तीफा
बता दें कि नीतीश कुमार ने मंगलवार को राजनीतिक उथल-पुथल के बाद इस्तीफा दे दिया था. उस दौरान तत्कालीन उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन दिल्ली में बिहार सरकार का एक कार्यक्रम करने दिल्ली पहुंचे हुए थे. कार्यक्रम के समापन के बाद वो दिल्ली से पटना लौटे. इसी बीच जब वो एयरपोर्ट पर चेक-इन कर रहे थे तब बिहार में जेडीयू-बीजेपी यानी NDA की सरकार थी. लेकिन हवा हवाई जहाज के उड़ते ही उनकी सरकार गिर चुकी थी. इसी बात को उन्होंने मीडिया के सामने रखा.
बिहार में महागठबंधन की सरकार
गौरतलब है कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर से महागठबंधन की सरकार बन गई है. नीतीश कुमार ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. साथ में तेजस्वी यादव ने भी डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. मंत्री पद को लेकर पहले से ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच चर्चा हो चुकी है. आरजेडी को 18 मंत्री पद मिल सकते हैं तो वहीं जेडीयू को 13 मंत्री पद और कांग्रेस के हिस्से में तीन मंत्री पद जा सकता है. इसके अलावा अगर माले मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार होगा तो एक मंत्री पद माले को भी मिलेगा. जीतनराम मांझी की पार्टी हम से एक और एक निर्दलीय का भी मंत्री बनना तय है.