शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक सरकारी छात्रावास की वार्डन ने पिछोर के एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वार्डन ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ने हर दिन उनके बंगले पर रात के समय एक लड़की को भेजने के लिए कहा था। वार्डन के अनुसार, एसडीएम यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा अगर तुम कोई लड़की नहीं भेज सकती हो तो तुम ही आ जाया करो।
Shivpuri, MP | The SDM called me to his bungalow & demanded to either send girls from the hostel to his house every night & take them back the next morning or present herself until his demands were met otherwise he'll issue my transfer order: Raj Kumari Koli, hostel warden(10.08) pic.twitter.com/tOylGtbq1L
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) August 11, 2022
वार्डन ने लगाए SDM पर गंभीर आरोप
सरकारी छात्रावास की वार्डन ने यह शिकायत जिला कलेक्टर को दिए हलफनामे में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ‘आरोपी’ अधिकारी ने छात्रावास को बंद कर दिया और लड़कियों को दूसरी इमारत में ट्रांसफर कर दिया और उसे दूसरे कार्यालय के तहत जोड़ दिया गया। वार्डन ने मीडियाकर्मियों को बताया कि अधिकारी ने उसे हर रात एक लड़की को अपने बंगले में भेजने और अगली सुबह उसे वापस ले जाने के लिए कहा था।
वार्डन का आरोप- रात में हॉस्टल आते थे SDM
महिला वार्डन ने एसडीएम पिछोर पर यह भी आरोप लगाए हैं कि वह (एसडीएम) रात के अंधेरे में हॉस्टल आ जाते थे। जबकि नियम है कि पुरुष अधिकारी हॉस्टल का निरीक्षण करने नहीं आ सकता है। वार्डन ने इस संबंध में कुछ फोटो भी शिकायत के साथ उपलब्ध करवाए हैं। साथ ही वार्डन ने कहा है कि एसडीएम ने हॉस्टल भी बंद करवा दिया, हालांकि अधिकारी ने आरोपों का खंडन किया है।

SDM बोले- हॉस्टल को बंद न करके किया गया है शिफ्ट
अधिकारी ने बताया कि हॉस्टल बंद नहीं कराया गया है बल्कि जिस निजी इमारत में यह हॉस्टल चल रहा था, वहां से इसे दूसरी इमारत में शिफ्ट किया गया है। एसडीएम ने बताया कि निजी इमारत वाला मालिक चाहता था कि इमारत जल्द से जल्द खाली कर दी जाए। उन्होंने कहा कि महिला हॉस्टल वार्डन अपने तबादले से नाराज हैं और बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं। इस मामले में हॉस्टल वार्डन ने जिस एसडीएम पर आरोप लगाए हैं, उन्हें कुछ अन्य वार्डन का समर्थन मिला है, जिन्होंने उनके पक्ष में लिखित बयान दिया है।
SDM को मिला अन्य वार्डन का समर्थन
एसडीएम को समर्थन देने वाले इन वार्डनों ने यह भी कहा कि जब शिकायतकर्ता एक हॉस्टल में तैनात थी तो उसने तीन दिनों तक कई छात्राओं को भूखा-प्यासा रखा था। उस दौरान सूचना पर तत्कालीन एसडीएम वहां गए थे और छात्राओं को खाना खिलाया था। इस मामले में महिला वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसकी पुलिस इसकी जांच कर रही है।