देहरादून : पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कांग्रेस छोड़ने पर गुलाम नबी आजाद पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि गुलाम नबी ने पार्टी को धोखा देकर लाखों कार्यकर्त्ताओं का अपमान किया है। इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गुलाम नबी कांग्रेस को धोखा देने का मन बहुत पहले बना चुके थे। उन्होंने जब कुछ साथियों के साथ पहला पत्र लिखा था, तब उनकी मंशा बिल्कुल साफ थी। फिर भी हमें यह उम्मीद थी कि सब ठीक हो जाएगा। इतने वर्षों का पार्टी से रिश्ता है, वह उसका मूल्य समझेंगे। मगर उन्होंने अंततोगत्वा भाजपा की बी टीम बनने के लिए गुलाम नबी आजाद ने कई बहानों के साथ पार्टी से नाता तोड़ने की घोषणा की। बहाना शब्द इसलिए कहा कि गुलाम नबी लंबे समय तक पार्टी के कर्ताधर्ता रहे।

गांधी-नेहरू परिवार ने शीर्ष पंक्ति तक पहुंचाया, पछताएंगे आजाद
हरीश रावत ने कहा कि पार्टी के लाखों कायकर्त्ताओं ने पिछले दो-तीन महीनों के भीतर पूरी शक्ति लगाकर पार्टी को संघर्ष के लिए तैयार किया है। महंगाई के विरुद्ध कांग्रेस की हुंकार रैली और भारत जोड़ो यात्रा ऐतिहासिक होगी। उन्होंने कहा कि गुलाम नबी के त्यागपत्र से कार्यकर्त्ताओं और पार्टी के मनोबल पर असर नहीं पड़ेगा। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार ने ही उन्हें देश के नेतृत्व की शीर्ष पंक्ति तक पहुंचाया। उन्हें अपने निर्णय पर पछताना पड़ेगा।