मुंबई: महाराष्ट्र के सांगली जिले में मथुरा के 4 साधुओं की पिटाई का मामला सामने आया है। बुलेरो कार में सवार साधुओं ने स्थानीय लोगों से रास्ता पूछ लिया था और लोगों ने उन्हें बच्चा चोर समझा। यह अफवाह तेजी से इलाके में फैल गई और मौके पर जुटी भारी भीड़ ने उन्हें बुरी तरह पीट डाला। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस का कहना है कि साधुओं की ओर से इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज की जांच करके ऐक्शन लिया जा सकता है। यूपी के रहने वाले 4 साधु सांगली जिले के लवांगा गांव में पहुंचे थे और उन्हें पंधरपुर जाना था।
वह सोमवार को एक मंदिर में रात्रि विश्राम के लिए रुक गए थे। मंगलवार को वह जब आगे की यात्रा पर निकले तो एक लड़के से रास्ता पूछ लिया था। इस दौरान कुछ स्थानीय लोगों को संदेह हुआ कि ये लोग बच्चा चोर गैंग के हैं। इस पर भीड़ जुट गई और साधुओं की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर जांच की तो पता चला कि वे बच्चा चोर नहीं बल्कि मथुरा के पंचदशनाम जूना अखाड़ा के साधु थे। सांगली के एसपी दीक्षित गेदाम ने कहा कि सांगली में ग्रामीणों द्वारा 4 साधुओं की पिटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों को संदेह था कि वे बच्चा चुराने वाले गैंग के मेंबर हैं।
– बच्चा चोर गैंग समझ 4 साधुओं की बुरी तरह पिटाई
– सांगली जिले के लवंगा में चौंकाने वाली घटना
– उत्तर प्रदेश के मथुरा से चार साधु कर्नाटक में भगवान के दर्शन के लिए आए थे।
रात के समय गांव के एक मंदिर में रुके थे #Maharashtra #Sangli #sadhu #palghar #mumbai pic.twitter.com/DsLJ3g5dff— rahul shukla (@rshukla676) September 14, 2022
पुलिस ने साधुओं को छुड़ाया
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इन्हें हिरासत में लेते हुए पूछताछ की. पुलिस ने इनसे पूछताछ के बाद बताया कि इन चारों लोगों का बच्चा चोर गिरोह से कोई संबंध नहीं है. ये लोग दर्शन पूजन के लिए जा रहे थे, लेकिन गलतफहमी की वजह से लोगों ने इन्हें बच्चा चोर समझ लिया और पकड़ कर मारपीट की है. इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सु मोटो लेते हुए आईपीसी की धारा 323 और 324 के तहत मामला दर्ज किया था. पुलिस ने 5 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. हालांकि पुलिस का अब तक साधुओं से दोबारा संपर्क नहीं हो पाया है.

साधुओं ने दी चेतावनी
महाराष्ट्र के सांगली में आज बच्चा चोरी के शक में चार साधुओं से की गई मारपीट को लेकर संत समाज ने अपनी नाराज़गी जाहिर की है. अयोध्या की हनुमान गढ़ी के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने कहा है कि आज के दौर में संत के वेश में कुछ कालनेमि आ गए हैं, लेकिन अगर बेकसूर संतों के बदसलूकी की हदें पार की तो संत समाज चुप नहीं बैठेगा. हम ऐसी घटनाओं को लेकर अब संसद को घेरेंगे और अपना विरोध दर्ज करेंगे. स्वामी दिपांकर ने कहा कि इस मामले को हम पालघर नहीं बनने देंगे. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. अयोध्या की हनुमान गढ़ी के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने घटना की निंदा करते हुए कहा, ”यह सच है कि आज के दौर में संत के वेश में कुछ कालनेमि आ गए हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति संत वेश में है तो बगैर उनकी असल पहचान किए हुए उन पर हमला करना बिल्कुल उचित नहीं है. अगर उन्हें कोई शंका थी तो उसके लिए आरोपियों को पुलिस की मदद लेनी चाहिए थी.” उन्होंने कहा, ”हमारे देश में छोटे-बड़े मिलाकर लाखों करोड़ों मंदिर हैं, जिनसे जुड़ा साधु समाज अक्सर तीर्थ यात्रा पर रहता है. अगर ऐसे ही साधु समाज पर हमले होते रहे और उन पर रोकथाम नहीं हुई तो साधु समाज चुप नहीं बैठेगा और अपना विरोध जताने के लिए संसद तक घेराव करेगा.”