नई दिल्ली: भारत ने पहली बार इंसानों को लेकर उड़ने वाला ड्रोन वरुण (Varuna Drone)को पूरी तरह से तैयार कर लिया है। स्वदेश निर्मित पायलट-रहित ड्रोन को जल्द ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। पूरी तरह परीक्षण के बाद युद्ध में पहली बार भारतीय नौसेना युद्धपोतों पर इस्तेमाल करेगी। इसके बाद यह इंसानों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होगा। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘स्वावलंबन’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इसका प्रदर्शन किया गया।
#WATCH | ‘Varuna’ country’s first human-carrying drone, developed by the Indian startup Sagar Defence Engineering, will soon be inducted into Indian Navy pic.twitter.com/RhyjvAYn1E
— ANI (@ANI) October 5, 2022
सागर डिफेंस द्वारा निर्मित
स्वदेशी ड्रोन ‘वरुण’ को स्टार्टअप ‘सागर डिफेंस’ ने बनाया है। वहीं, दूसरी तरफ इंसान को सिर्फ इसमें बैठना होगा और इसके अलावा उसे कुछ नहीं करना है। यह ड्रोन उसे खुद ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाएगा। इसे रिमोट की सहायता से संचालित किया जाएगा। इसमें चार ऑटो पायलट मोड हैं, कुछ रोटर के खराब होने की स्थिति में भी लगातार उड़ने की क्षमता को बरकरार रखते हैं। फिलहाल जमीन पर इसका ट्रायल हो चुका है, हम अगले तीन महीने में इसका समुद्री परीक्षण करेंगे।
फिलहाल चल रहे परीक्षण में यह सामान को एक जहाज से दूसरे जहाज तक पहुंचाने में खरा उतरा है। इसका उपयोग मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। सागर डिफेंस को यह प्रोजेक्ट नौसेना की तरफ से मिला था। कंपनी से कहा गया था कि इस प्रोजेक्ट लगभग डेढ़ साल में पूरा करना है।

विशेष क्षमताएं
- एक बार उड़ान भरकर 30 किलोमीटर तक जा सकता है।
- 100 किलो तक का सामान या लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की क्षमता
- जमीन से दो मीटर ऊपर उड़ेगा
- समय सीमा 25 से 33 मिनट।
जल्द ही होगा समुद्री परीक्षण
वरुण ड्रोन का भूमि आधारित परीक्षण अभी चल रहा है और जल्द ही वरुण का समुद्री परीक्षण शुरू हो जाएगा। जो नौसेना की कई जरूरतों को पूरा करेगा। वर्तमान में यदि नौसेना को समुद्र में एक जहाज से दूसरी जहाज पर माल ट्रांसफर करना होता है तो दोनों जहाजों को एक दूसरे के करीब लाया जाता है और फिर माल की ढुलाई की जाती है। वरुण की मदद से यह कार्य आसानी से हो जाएगा।