देहरादून: उत्तराखंड मे धाकड़ धामी उत्तराखंड के विकास करने मे कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं सीएम धामी पूरे उत्तराखंड मे एक समान विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। आपको बता दें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी दल के विधायकों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की व्यापक जनहित से जुड़ी 10 औचित्यपूर्ण आवश्यक विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता के क्रम में तैयार करते हुए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। आपको याद दिला दें उत्तराखण्ड में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड राज्य का दशक होगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है…सीएम का कहना है की हमने संकल्प लिया है की उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्यों मे शामिल करना है…

उत्तराखण्ड में प्रत्येक क्षेत्र का योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध रूप से विकास किये जाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पीएम मोदी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास“ के तहत कदम उठा रहे हे हैं, सीएम धामी ने पार्टी सीमा से उपर उठकर उत्तराखण्ड राज्य के विकास में सभी विधायकगणो से सहयोग का अनुरोध करते हुए अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की जनहित से जुड़ी 10 विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता के क्रम मांगे हैं, ताकि शासन स्तर पर राज्य के आर्थिक संसाधनों के समुचित प्रबन्धन के साथ और क्षेत्रीय विधायक गणों से विमर्श करते हुए योजनाओं को प्राथमिकता के क्रम में चरणबद्ध एवं समयबद्ध रूप मूर्त रूप दिया जा सके। वहीं धामी की इस पहल की विपक्ष भी तारीफ कर रहा है वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक प्रीतम सिंह का कहना है की पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी योजनाएँ मांगी थी लेकिन उन्होने आगे कुछ नहीं किया उम्मीद है की सीएम धामी उत्तराखंड की 70 विधानसभाओं मे समान विकास करेंगे
आपको बता दें राज्य गठन के बाद सीएम धामी पहले मुख्यमंत्री है जिनहोने राज्य के हर क्षेत्र का समान रूप से विकास किये जाने के लिए प्रत्येक विधायक से विकास योजनाओं के प्रस्ताव मांगे है, चाहे वह विधायक किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो, धाकड़ धामी समूचे उत्तराखंड मे विकास की धारा समान रूप पहुँचने के लिए जो पहल की है वो काबिल-ए- तारीफ है और जनता के हित मे है जानकारों का कहना है की मुख्यमंत्री धामी का यह कदम राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ तक उत्तराखण्ड राज्य को श्रेष्ठतम राज्य बनाने के संकल्प पूर्ति में मील का पत्थर साबित होगा।