पीलीभीत : शहर के मुहल्ला इनायतगंज में होली चौराहा के नजदीक रहने वाले सेवानिवृत बैंक अधिकारी सुनील गुप्ता के घर की छत पर पत्थर गिरा। जिससे आंगन के ऊपर लगी लोहे का जाल क्षतिग्रस्त हो गया। इस बीच उल्कापिंड गिरने का शोर मच गया। तमाम लोग एकत्रित होने लगे। लेकिन राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. शैलेंद्र सिंह ढाका ने इसे किसी की शरारतपूर्ण घटना करार दिया है।
17 अक्टूबर को छत पर गिरा था पत्थर
भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी नीलिमा गुप्ता विगत 17 अक्टूबर की रात कमरे में सो रहे थे। तभी उन्हें आंगन के ऊपर लगे लोहे के जाल पर किसी वजनी चीज के गिरने की आवाज सुनाई दी। छत पर जाकर देखा तो लोहे के जाल पर एक पत्थर पड़ा हुआ था। गुप्ता दंपती ने सुबह आसपास के लोगों से घटना का जिक्र किया तो मुहल्ले के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए।

कई दिन से मच रहा उल्का पिंड का शोर
कई दिनों से इस मामले को लेकर उल्कापिंड गिरने का शोर मच रहा है। इसकी भनक लगने पर मीडिया के तमाम लोग भी मौके पर पहुंच गए। इतना ही नहीं मुहल्ले के कई लोग तो इस पत्थर की पूजा भी करने लगे हैं। पत्थर को लेकर लोगों में कौतूहल का विषय बना हुआ है।
विज्ञानी बोले, उल्का पिंड का धरती तक पहुंचना संभव नहीं
जब इस बारे में राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. शैलेंद्र सिंह ढाका से संपर्क किया गया तो उनका कहना है कि आकाश गंगा से गिरने वाले उल्कापिंड धरती तक नहीं पहुंचते हैं, बल्कि पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही नष्ट हो जाते हैं। डा. ढाका के मुताबिक यह किसी की शरारतपूर्ण घटना है।