औरेया: सिकरोड़ी गांव निवासी महिला अपनी बेटी के साथ गुरुवार की दोपहर खेत पर काम करने के लिए जा रही थी। रास्ते में बाइक सवार दो युवक आए। उन्होंने पहले किसी का पता पूछा। इसके बाद खुद को हरिद्वार का बाबा बताते हुए बातों में लिया। रुपयों को दो गुणा का लालच देकर नकदी और मां-बेटी से गहने लेकर चले गए। दोनों से आंखों बंद करने का कहा। ऐसा करते ही भाग निकले। टप्पेबाजी का पता लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। अजीतमल कोतवाली से पहुंचे सिपाही ने पीड़ित के बयान दर्ज किए।

हरिद्वार का बाबा बताते हुए बातों में लेकर वारदात
जानकारी के मुताबिक लक्ष्मी पत्नी सुघर सिंह अपनी बेटी राखी के साथ घर से खेत पर जाने की बात कहकर निकली थी। रास्ते में जाजपुर गांव के समीप चने का साग लेने के लिए जाने लगी। इस बीच बाइक सवार दो युवक उनके आगे आकर रुक गए। सिकरोड़ी गांव जाने का रास्ता पूछा। बातों में ही उन्होंने कहा कि वह हरिद्वार में बाबा हैं। रुपयों को दो गुणा करने की कला उन्हें आती है।
गुरुवार को दिन दहाड़े सिकरोड़ी गांव में हुई घटना
उनकी बातों में आकर मां-बेटी ने उनके कहे के अनुसार आंखों को बंद कर लिया। युवकों ने कहा कि पीछे मुड़कर मत देखना। खेत से मिट्टी लेकर आता हूं। दिन दहाड़े घटना कर आरोपित भाग निकले। काफी देर तक न लौटने और कोई आवाज न दिए जाने पर लक्ष्मी ने आंखें खोली। बेटी को भी ऐसा करने को कहा। दोनों ने युवकों को वहां नहीं पाया। कान का बाला सहित अन्य जेवर और नकदी उन्हें दिए जाने और दोनों का कोई अता-पता न होने पर परेशान हो गए। उनके शोर मचाने पर कुछ ग्रामीण आ गए। इस बीच पहुंची पुलिस ने पीड़ितों के बयान लिए। कोतवाल शशि भूषण मिश्र ने बताया कि पूरे मामले की जांच शुरू करा दी गई है। जल्द टप्पेबाजों को पकड़ा जाएगा।