मेप्पायुर: क्या अंतिम संस्कार के बाद भी कोई इंसान जिंदा हो सकता है? जी हां ये सवाल हाल ही में एक शख्स को लेकर खड़ा हुआ। उसकी आधिकारिक रूप से मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद वो जिंदा होकर वापस आया। जिससे सबके होश उड़ गए। हालांकि जब जांच हुई तो सारा मामला सामने आ गया। जानकारी के मुताबिक गोवा के एक होटल में मंगलवार को एक शख्स मिला। जिसकी उम्र 36 साल है। उसकी पहचान केरल निवासी दीपक बालाकृष्णन कांडी के रूप में हुई, जिसे कुछ महीनों पहले मृत घोषित कर दिया गया था। उसके परिवार ने तो सबके सामने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। घटना की जानकारी तुरंत केरल पुलिस को दी गई और उसे हैंडओवर किया गया।
7 जून से था लापता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपक पिछले साल 7 जून को केरल के मेप्पायुर शहर से लापता हो गया था। इसके बाद परिवार वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। जुलाई में केरल के समुद्र तट से पुलिस को एक शव बरामद हुआ। पुलिस ने उसकी पहचान दीपक के रूप में कर दी और शव को परिजनों को सौंप दिया।

अंतिम संस्कार वाला शव किसका था?
परिवार वाले भी अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर मौत के गम को भुलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब पता चला कि उनका बेटा जिंदा है। उसे गोवा पुलिस ने पकड़ा है। जांच में पता चला कि ये सब गलत पहचान की वजह से हुआ था। केरल पुलिस ने उस परिवार को जो शव सौंपा था, वो दीपक का नहीं बल्कि केरल के फंथिरकारा के मूल निवासी इरशाद का था।
कई राज्यों में रहा दीपक
दीपक ने पुलिस को बताया कि हाल ही में गोवा पहुंचने से पहले उसने जयपुर, दिल्ली और पंजाब सहित देशभर में यात्रा की थी। वो मडगांव के एक होटल में था, लेकिन अचानक वो पुलिस के रडार पर आया। बाद में उसकी पहचान दुनिया के सामने उजागर हो गई।