देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून मे शराब कारोबारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं और ये कहने से भी गुरेज नहीं किया जा सकता की शराब कारोबारियों के साथ आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है क्योंकि अगर शराबकारोबारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश नहीं जानते तो आबकारी विभाग तो कारोबारियों से दुकाने बंद करा सकता है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए शराब कारोबारी अपनी दुकाने सज़ा रहे हैं जिनमे से एक ऐसा ही मामला देहारादून के सहसपुर मे देखने को मिला है जहां विदेशी मदिरा दुकान उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर राजमार्ग पर (220 मीटर सीमा के अंदर ) बाजार में संचालित की जा रही है देकिन न तो उस दुकान पर अब तक किसी आबकारी के अधिकारी ने दस्तक दी और न ही उस पर अन्य किसी अधिकारी ने सवाल खड़े किए । लेकिन अब सवाल ये भी है की ऐसा क्यों हुआ क्या अधिकारी शराब कारोबारियों से मिले हुए हैं ?

आपको बता दें की सुप्रीम कोर्ट ने मेगा हाईवे, स्टेट, एनएच पर पांच सौ मीटर दूर दुकानें खोलने का आदेश 15 दिसंबर को जारी किया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च को 20 हजार से कम आबादी वाले कस्बों में 220 मीटर दूर शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी है। मगर सहसपुर मे संचालित हो रही शराब की दुकान नियम विरुद्ध है।
एक शराब ठेकेदार ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि ये पूरा खेल आबकारी विभाग से लेकर पुलिस तक महीने की बंदी पर चलता है। जो बंदी देने में आनाकानी करते हैं वो देर रात तक शराब नहीं बेच सकते हैं। वहीं एक होटल संचालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हमारी पूरी गारंटी शराब ठेकेदार लेते हैं।