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दून स्मार्ट सिटी के सड़क निर्माण और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से कई घरों में कई महीनों से पानी की आपूर्ति ठप

*देहरादून के पौष इलाके राजपुर रोड में पेयजल संकट विभागीय अधिकारी मौन। टैंकर वालों की बल्ले बल्ले*

 

*स्मार्ट सिटी और पेयजल के अधिकारियों के सामंजस्य की कमी से पेयजल आपूर्ति बाधित जूझ रही है जनता*

*देख लीजिए मुख्यमंत्री जी राजधानी के पॉश इलाके का यह हाल तो बाकी जिलों का क्या होगा ? क्या विभागीय अधिकारियों पर होगी कार्रवाई ?*

 

देहरादून
जल विभाग के अधिकारी कहते हैं कि उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं, इससे पेयजल की दिक्कत नहीं है और यदि कही से कोई शिकायत आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाता है.।

राजधानी देहरादून के कई पॉश इलाकों में इन दिनों स्मार्ट सिटी और पेयजल के अधिकारियों में सामंजस्य की कमी के कारण पानी की किल्लत हो रही है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है मिली जानकारी के अनुसार राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी के सोंदरीकरण का कार्य चल रहा है जिसके कारण पेयजल की कई लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। राजपुर रोड जैसे महत्वपूर्ण आवासीय कालोनी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह से पिछले चार-पांच महीने से लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण आम जनता टैंकर से पानी भरवाने को मजबूर हो रहे है। और टैंकर वालों की बल्ले-बल्ले हो रही है।।

कमोबेश यही हाल राजधानी देहरादून के अन्य इलाकों का भी है।उत्तराखंड में बारिश के बाद भी पेयजल संकट गहराने लगा है, यह जल संकट राजधानी के पॉश इलाके राजपुर रोड पर और आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है. जल संस्थान अब प्रदेश भर में पेयजल आपूर्ति के लिए सुबह 2 घंटे और शाम को भी 2 घंटे की सप्लाई कर रहा है, जिससे प्रदेश भर में 988 एमएलडी के मुकाबले मात्र 648 एमएलडी पानी सप्लाई हो पा रहा है. पानी की कम सप्लाई होने से पेयजल की दिक्कत खड़ी होने लगी है, खासकर बड़े शहरों में ये समस्याएं ज्यादा हैं.

 

पानी की वजह से लोगों के हलक सूखने लगे हैं. पिछले महीने तक हुई बारिश की वजह से बहुत ज्यादा पानी की किल्लत नहीं थी, लेकिन अब स्मार्ट सिटी के जगह-जगह सड़क और पेयजल की पाइप लाइन खोदने के बाद स्थानीय कालोनियों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है, जिसकी वजह से पानी की पूरी सप्लाई नहीं हो पा रही है. प्रदेश भर में 920 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, लेकिन जल संस्थान मात्र 648 एमएलडी पानी सप्लाई कर पा रहा है.

*स्मार्ट सिटी द्वारा सड़कों को खोदने और पेयजल के लाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह से देहारदून के कई इलाकों में पानी की समस्या*

अगर प्रदेश के सबसे बड़े शहर देहरादून की बात की जाए तो यहां 288 एमएलडी पानी की आवश्यकता है और आपूर्ति 241 एमएलडी तक ही हो पा रही है. उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की बात की जाए तो यहां अधिकांश लोग पानी के स्रोत पर ही निर्भर है,जल विभाग के अधिकारी कहते हैं कि उनके पास पर्याप्त संसाधन हैं, इससे पेयजल की दिक्कत नहीं है और यदि कही से कोई शिकायत आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाता है.

जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग का कहना है कि जल संस्थान में पेयजल आपूर्ति को लेकर सभी व्यवस्थाएं कर दी है और अब किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी.

जल विभाग ने की ये तैयारी

– प्रदेश भर में पानी की खपत 988 एमएलडी और आपूर्ति 648 एमएलडी
– देहरादून में खपत 288 एम एल डी और आपूर्ति 241 एमएलडी
– जल संस्थान के पास कुल ट्यूबेल-1056 हैं
-10 जिलों में हैंड पंप की संख्या 10,094
– कुल जलाशय- 8731
– विभागीय टैंकर- 82 और प्राइवेट टैंकरों की संख्या- 250 है

विभाग की पहले से ही पर्याप्त व्यवस्था न होने की वजह से लोगों को हर साल इस समस्या से जूझना पड़ता है. पहाड़ों में तो हालात इतने ज्यादा खराब हो जाते हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए कई-कई किलोमीटर जल स्रोतों तक जाना पड़ता है. ।।

*लबोबुवाब यह है कि गर्मी के दिनों में तो आम जनता को पानी की परेशानी से दो-चार होना ही पड़ता है बारिश के दिनों में भी स्मार्ट सिटी और पेयजल विभाग के बड़े अधिकारियों में तालमेल की कमी के कारण आम जनमानस को पानी की समस्या हो रही है बड़ा सवाल है कि क्या सूबे के मुखिया आम जनमानस की समस्या का संज्ञान लेंगे? और क्या लोगों के घरों में पीने का पानी पहुंच पाएगा ?जब बड़ा सवाल हम सभी के सामने है..*

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Author: nirbhiknazar

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