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बर्बाद हो गए आइसक्रीम फैक्ट्री वाले,लाखों का कर्ज का बोझ, भुखमरी के कगार पर है कामगार

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भभुआ/कैमूर। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार द्वारा होली के बाद से ही लॉकडाउन लगा दिया गया। जिसके कारण कैमूर जिले में आइसक्रीम फैक्ट्री चलाने वाले व बेचने वाले दो दर्जन से अधिक लोग आज बेरोजगार हो गए हैं। उनकी माली हालत इतनी खराब हो गई है।घर परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। भाड़े पर रहने वाले लोगों को बिजली,पानी,किराया आदि खर्चा निकालना तो अलग ही बात है। उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बिजली बिल और रूम का रेंट कहां से लाएं। लाखो के बैंक कर्ज के बोझ से दबे पड़े हुए है।

आइस क्रीम फैक्ट्री के मालिक गौरव बताते हैं कि लॉकडाउन से पहले आइसक्रीम बनाने के लिए लाखों रुपए के सामग्रियों की खरीदारी कर ली गई थी। पता नहीं था कि लॉक डाउन होगा। अचानक से हुए लॉकडाउन से पहले के मंगाए गए बहुत सामान एक्सपायर हो गए हैं। वही तैयार आइसक्रीम भी अब बेकार हो गया है। हम लोग की माली हालत बहुत खराब हो रही है। बैंक से कर्ज लेकर आइसक्रीम फैक्ट्री लगाया था। न तो बिजली बिल दे पा रहे हैं और ना ही बैंक का कर्ज चुका रहे हैं। सरकार हम लोगों का कुछ प्रबंध करे जिससे कि हम लोग की हालत सुधर पाए ।

आइसक्रीम ठेला चलाने वाले मुन्ना बताते हैं कि इस आइसक्रीम फैक्ट्री से आइसक्रीम लेकर ठेला से बेचते थे तो 10 परिवार का भरण पोषण करते थे। लेकिन लॉक डाउन के बाद पिछले 5 महीने से काम बंद हो गया है। रोजी-रोटी पर आफत आ गई है। हम लोगों का राशन कार्ड भी नहीं बना है कि हमलोग राशन डीलर के पास से लेकर खा सकें। हम लोगों का सरकार के तरफ से कुछ व्यवस्था होना चाहिए। जिससे कि परिवार का खर्च चलाया जा सके।

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Author: nirbhiknazar

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