ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार. हरिद्वार कुंभ मेले को लेकर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से तगड़े इंतजाम किए हैं। यहां पहुंचने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को पूरी तरह नियंत्रण में रखने की चुनौतियों के बीच पुलिस प्रशासन की नजर आपराधिक गतिविधियों पर भी है। राज्य के सबसे बड़े आयोजन में वह कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है और इसी को लेकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सॉफ्टवेयर की मदद से आतंकी और अपराधियों पर नजर रखी जाएगी। इस सॉफ्टवेयर की मदद से जैसे ही कोई अतंकी या बड़ा अपराधी मेला परिसर में प्रवेश करेगा वह फौरन की खुफिया पुलिस के रडार पर आ जाएगा। पलक झपकते सीसीटीवी कैमरे उसकी फोटो को स्कैन करते हुए पुलिस को अलर्ट भेज देंगे। इसके बाद पुलिस तत्काल ही उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित कर लेगी।

जानकारी के मुताबिक कुंभ मेले को लेकर पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से बेहद सतर्क है। पहली चुनौती भीड़ को नियंत्रित रखने की है। इसको लेकर कई राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने मिलकर समन्वय बनाते हुए अपने-अपने बॉर्डर पर श्रद्धालुओं पर निगरानी रखने की योजना बनाई है। इसके साथ ही दूसरी सबसे बड़ी चुनौती मेले के आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की है, जिसको लेकर पुलिस अधिकारी आतंकियों और शातिर अपराधियों पर भी नजर रखेगी। इसके लिए डिजिटल सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। मेले में आर्टिफिशियल इंटेलीजेस सॉफ्टवेयर की मदद ली जा रही है। इसकी मदद से कई सीसीटीवी में आतंकियों की फोटो अपलोड की जाएगी। इससे कुंभ क्षेत्र में आतंकियों के पहुंचते ही पुलिस को इसकी फौरन ही जानकारी मिल जाएगी। पुलिस अधिकारी इसके बाद वहां पहुंचे अतंकी को घेरकर गिरफ्तार कर लेगी. इसमें कई बड़े अपराधियों की फोटो भी लोड की गई है। बताया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संदिग्ध लोगों की सूची तैयार की गई है। असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेस सॉफ्टवेयर को सीसीटीवी कैमरों में अपलोड किया जाएगा।

कुंभ मेले में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए हरिद्वार के 518 हिस्ट्रीशीटर समेत असामाजिक तत्वों पर पुलिस नजर रख रही है. एक विशेष टीम के अलावा मेले की खुफिया पुलिस इन पर लगातार अपनी निगाह बनाये हुए है। सोशल मीडिया पर भी मॉनिटरिंग की जा रही है. मेला पुलिस ने थाने और कोतवालियों से हिस्ट्रीशीटरों की सूची ले कर उन्हें चिन्हित कर लिया ह।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी निगरानी
सोशल मीडिया की निगरानी की टीम अलग से बनाई गई है। यह टीम आईजी संजय गुंज्याल को इस पर चलने वाली गतिविधियों की जानकारी देगी। संदिग्ध दिखने पर तत्काल टीम कार्रवाई करेगी। इस खुफिया टीम को विभाग से अलग रखा गया है।