ब्यूरो रिपोर्ट
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित नंदप्रयाग-घाट सड़क निर्माण को लेकर आंदोलित ग्रामीणों पर पुलिस के लाठीचार्ज से कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को बजट सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोई कमी नहीं छोड़ी। प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लाठीचार्ज के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि घटना बेहद दुखद और गुस्सा पैदा करने वाली है। कहा कि ग्रामीण केवल अपनी सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। खुद सरकार उनसे दो बार वादा कर चुकी हैं कि सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। सरकार को सोचना चाहिए कि दो दो बार वादे करने के बाद भी ग्रामीणों को आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है ? सिंह का कहना था कि लाठीचार्ज की घटना ने साबित कर दिया है कि सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीवालीखाल घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के उपरांत दोषियों को उचित दंड दिया जाएगा। सरकार ने नीतिगत फैसला लेते हुए सभी ब्लॉक मुख्यालयों को डेड़ लेन सड़क से जोड़ने का फैसला किया था। सीएम रावत का कहना है कि कुछ लोग अस्थिरता फैला कर भ्रम पैदा कर रहे हैं जबकि हम पहले ही इसको दूर कर चुके हैं।
दीवालीखाल घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।मजिस्ट्रेट जाँच के उपरांत दोषियों को उचित दंड दिया जाएगा। सरकार ने नीतिगत फ़ैसला लेते हुए सभी ब्लॉक मुख्यालयों को डेड़ लेन सड़क से जोड़ने का फ़ैसला किया था।कुछ लोग अस्थिरता फैला कर भ्रम पैदा कर रहे हैं जबकि हम पहले ही इसको दूर कर चुके हैं। pic.twitter.com/pZF3Gv1JfX
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) March 2, 2021
आपको बता दें इस मामले मे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहले ही ट्वीट करके अपनी सफाई दे चुके थे उनका कहना था
“दीवालीखाल घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।मजिस्ट्रेट जाँच के उपरांत दोषियों को उचित दंड दिया जाएगा। सरकार ने नीतिगत फ़ैसला लेते हुए सभी ब्लॉक मुख्यालयों को डेड़ लेन सड़क से जोड़ने का फ़ैसला किया था।कुछ लोग अस्थिरता फैला कर भ्रम पैदा कर रहे हैं जबकि हम पहले ही इसको दूर कर चुके हैं”।