ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार: आज पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की भव्य पेशवाई निकाली जा रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस दौरान हरिद्वार में मौजूद रहे। उन्होंने संतों से मुलाकात भी की। एक हेलीकॉप्टर और दो ग्लाइडर से संत और महंतों पर फूलों की बारिश हुई। ऊंट, हाथी, चांदी के सिंहासन और रथ पेशवाई के मुख्य आकर्षण हैं। पेशवाई में देवभूमि की संस्कृति की झलक दिख रही है और कोविड से बचाव का संदेश भी दिया जा रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार में अगले तीन दिन पांच संन्यासी अखाड़ों की पेशवाई का उल्लास रहेगा। आज पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की पेशवाई निकलने से कुंभ का भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के रथ पर सवार होते ही पेशवाई की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इससे पहले रथों को सजाया गया और पूजा-अर्चना की गई। इस बार चंद्राचार्य चौक पर भी पेशवाईयां दस्तक देंगी। वहीं, पेशवाई निकलने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कुंभ पुलिस के करीब दो हजार जवान तैनात रहेंगे।

वहीं, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि कुंभ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसकी शुरुआत निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के साथ हो रही है। हरिद्वार कुंभ दिव्य और भव्य रुप से संपन्न होगा। प्रदेश सरकार इसके लिए कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए हर संभव तैयारी और आयोजन कर रही है। एसएमजेएन पीजी कॉलेज गोविंदपुरी से चंद्राचार्य चौक, शंकर आश्रम, सिंह द्वार, देशरक्षक चौराहा, दादू बाग, कनखल बाजार, कनखल चौक, शंकराचार्य चौक, तुलसी चौक, शिवजी की मूर्ति, ललतारौ पुल, गुर्जरवाला भवन, भाटिया भवन, चरण पादुका स्थल से होते हुए पंचायती अखाड़ा छावनी में प्रवेश करेगी।

पेशवाई का नेतृत्व आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद कर रहे हैं। अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने बताया कि पेशवाई में शामिल संतों पर एक हेलीकॉप्टर और दो ग्लाइडर से पांच कुंतल फूलों की बारिश की गई। इसके लिए बिजनौर और मंगलौर से गुलाब के फूल मंगवाए गए हैं। कनखल में हेलीकॉप्टर फूल बरसाए गए। इसके बाद शिव मूर्ति चौक के पास फूलों की बारिश हुई। 25 बैंडबाजों में 100 लोगों की टीम है। इनमें 50 महिलाएं और 50 पुरुष शामिल हैं। संत मास्क पहनकर कोविड से बचाव का संदेश दे रहे हैं। शाम छह बजे पेशवाई निरंजनी अखाड़े के पास पार्किंग स्थल में बनी स्थायी छावनी में प्रवेश करेगी।

पेशवाई शुरू होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पेशवाई के लिए मौजूद सभी संत-महात्माओं को फूल माला पहनाकर उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर निरंजनी पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महंत धर्मदास महंत कृष्ण दास, महंत राजेंद्र दास, साध्वी निरंजना ज्योति, युगपुरुष परमानंद, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्रपुरी, मेला अधिकारी दीपक रावत, आइजी संजय गुंज्याल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और संत-महात्मा उपस्थित हैं। पेशवाई में हाथी घोड़े और ऊंट चल रहे हैं। साथ ही 25 बैंड भी शामिल हैं। नासिक से शिव तांडव बैंड पेशवाई के लिए विशेष रूप से आया हुआ है। संत-महात्माओं के 50 रथ चल रहे हैं।
