ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार: हरिद्वार में कुंभ मेले के आयोजन के बीच उत्तराखंड शासन ने हरिद्वार जिले को स्लॉटर-हाउस (पशु वधशाला) मुक्त क्षेत्र घोषित किया है। बुधवार को जारी एक आदेश में नगर विकास सचिव शैलेश बगोली ने सभी नगरीय क्षेत्र में स्लॉटर-हाउस चलाने के लिए दिए गए ‘नो ओब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) निरस्त करने का आदेश जारी किया है। इस नए आदेश के बाद हरिद्वार समेत जिले के किसी भी नगरीय क्षेत्र में कोई भी स्लॉटर-हाउस ऑपरेट नहीं हो सकेगा। इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई व्यक्ति जानवर का वध करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ नियम सम्मत एक्शन लिया जा सकता है। सत्ताधारी बीजेपी ने इस आदेश पर खुशी जताई है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि दुनिया में हरिद्वार की पहचान गंगा और अध्यात्म के केंद्र के तौर पर है, इस पहचान बचाए रखने के लिए आदेश सही दिशा में उठाया कदम है।

बता दें कि हरिद्वार जिले की कुल जनसंख्या 18.9 लाख है। इसमें से करीब 36 प्रतिशत यानी 6.70 लाख अल्पसंख्यक (मुस्लिम) आबादी है। जिले की कई पॉकेट्स में अल्पसंख्यक मतदाता खासा प्रभाव रखते हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जिले की 11 में से आठ सीटों पर जीत हासिल की थी। शेष तीन सीटें कांग्रेस के खाते में गई थीं जिसके दो विधायक मुस्लिम हैं। शासन के इस फैसले पर कांग्रेस के बड़े नेता फिलहाल कुछ बोलने से बच रहे हैं।