Nirbhik Nazar

बिहार मे गोपालगंज के “खजूरबानी शराब कांड” मे 9 को फांसी, 4 को आजीवन कारावास, 21 लोगों की हुई थी मौत

पटना ब्यूरो

पटना : गोपालगंज की चर्चित खजूरबानी शराबकांड में गोपालगंज के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय लवकुश कुमार की उत्पाद स्पेशल कोर्ट ने 13 आरोपियों को दोषी पाते हुए 9 दोषियों को फांसी की सजा सुनायी है, जबकि चार महिलाओं को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है। कोर्ट की ओर से 10 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। बता दें कि 2016 में गोपालगंज के खजुर्बानी में जहरीली शराब पीने की वजह से 19 लोगों की मौत हो गई थी और 6 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। गोपालगंज जिले की शराब कांड मामले में पुलिस ने मुख्य अभियुक्त नगीना पासी, रुपेश शुक्ला समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया था। 5 साल तक चले इस मामले में कोर्ट ने बीती 26 फरवरी को 14 आरोपियों में से 13 आरोपियों को दोषी करार दिया था। एक आरोपी की इसी बीच मौत भी हो गई थी। शुक्रवार को कोर्ट ने 13 में से 9 लोगों को फांसी की सजा सुनाई और 4 महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

कहने को बिहार में शराबबंदी है लेकिन बिहार में अवैध तरीके से शराब बनाने के धंधे पर कोई लगाम नहीं लगी है, इस कारण जहरीली शराब का उत्पादन राज्य में अंदरखाने लगातार हो रहा है। जो सामान्य शराब से भी अत्यधिक नुकसानदेह होती है। इसकी वजह से बहुतों की जान चली जाती है, कुछ को आंखों से हाथ धोना पड़ता है। 20 फरवरी के दिन ही मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के दरगाह टोला से शराब पीने के कारण मौत होने की खबर आई थी।  यहां शराब जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले बिहार के गोपालगंज में ही जहरीली शराब के कारण दो लोगों की मौत हो गई थी और दो लोगों ने अपनी आंखें खो दी थीं।

खजुरबानी शराब कांड की कहानी

अगस्‍त 2016 में खजुरबानी जहरीली शराब कांड में 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। इस घटना के बाद 16 और 17 अगस्त 2016 को गोपालगंज नगर थाना के वॉर्ड नंबर 25 खजुरबानी में पुलिस ने भारी मात्रा में जहरीली शराब बरामद की थी। इसमें 14 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, लेकिन एक अभियुक्त ग्रहण पासी की मौत हो जाने के कारण 13 अभियुक्‍तों के विरुद्ध ट्रायल चल रहा था। मामले में पांच साल तक कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। 26 फरवरी को कोर्ट ने 13 अभियुक्‍तों को दोषी करार देते हुए सजा के लिए पांच मार्च का दिन मुकर्रर किया था।
जहरीली शराब से बर्बाद हो गए कई परिवार

अगस्‍त 2016 में हुई इस घटना के बाद कई परिवार बर्बाद हो गए। जिन परिवारों ने अपनों को खोया उनके लिए आगे का जीवन काफी कठिन हो गया। सरकार ने तब मारे गए लोगों के परिवारीजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया था। कुछ परिवारों ने यह राशि बैंक में फिक्‍स कर दी, जिससे मिलने वाले मामूली ब्‍याज से उनका घर चलता है। लेकिन ब्‍याज की यह राशि इतनी कम है कि बुनियादी जरूरतें भी पूरा करना मुश्किल होता है।

बर्खास्‍त हो गया था पूरा थाना 

गोपालगंज में नगर थाना से सटे खजुरबानी कांड के बाद नगर थाना के सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। बाद में बिहार सरकार ने उन्‍हें सेवा से बर्खास्‍त कर दिया। हालांकि पुलिसकर्मियों के बर्खास्‍तगी आदेश को चार फरवरी 2021 को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।

पांच साल चला मुकदमा 

बड़े पैमाने पर शराब बरामदगी के बाद नगर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष बीपी आलोक के बयान पर इसी थाने में एफआइआर दर्ज की गई थी। इसमें खजुरबानी वॉर्ड नंबर 25 निवासी छठू पासी, कन्हैया पासी, लालबाबू पासी, राजेश पासी, लालझरी देवी, कैलाशो देवी, नगीना पासी, सनोज पासी, रीता देवी, संजय चौधरी, रंजय चौधरी, मुन्ना चौधरी, इंदु देवी तथा ग्रहण पासी को नामजद आरोपित बनाया गया था। पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।

सुनवाई के दौरान ही एक आरोपित ग्रहण पासी की मौत हो गई। पांच साल चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों के आधार पर विशेष न्यायालय उत्पाद ने 26 फरवरी को 13 आरोपितों को दोषी करार दिया था। इस मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक उत्पाद रविभूषण श्रीवास्तव तथा बचाव पक्ष से वेद प्रकाश तिवारी, विनय तिवारी तथा रामनाथ साहू ने कोर्ट में बहस की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल सात गवाहों को पेश किया था।

शराबबंदी में इस कांड से मच गई थी सनसनी

बिहार में शराबबंदी के बाद गोपालगंज के खजुरबानी मोहल्‍ले में इस बड़े कांड से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। मिली जानकारी के अनुसार 15 अगस्त की रात जहरीली शराब पीने के बाद अचानक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। 16 अगस्त की सुबह तक कई लोगों की मौत हो गई। शाम होते-होते कुल 19 मौतें हो गई थीं। घटना में करीब आधा दर्जन लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी गंवा दी थी। जहरीली शराब कांड पर हंगामा मचने के बाद जागी पुलिस ने 16 और 17 अगस्‍त 2016 को छापामारी कर बड़ी मात्रा में शराब बरामद की। पुलिस की कार्रवाई से इस बात की पुष्टि हुई कि इसी मोहल्ले में शराब पीने से लोगों की मौत हुई। नगर थाने में पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *