ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: शनिवार को दून पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह तथा राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने पहले प्रदेश कोर ग्रुप के साथ बैठक की। फिर विधायकों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात कर सरकार की नब्ज टटोली। इसके बाद वह दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक कोर ग्रुप की बैठक के बाद शनिवार को ही पार्टी के कई विधायक दिल्ली रवाना हो गए थे। आज रविवार को कई और विधायक भी दिल्ली पहुंच सकते हैं। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर देहरादून भेजे गए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से अलग से मंत्रणा हुई। निशंक को भी भाजपा कोर कमेटी की बैठक में भाग लेना था। लेकिन फ्लाइट लेट होने के कारण वह लखनऊ से देहरादून समय पर नहीं पहुंच सके। केंद्रीय पर्यवेक्षक जब दिल्ली लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां डॉ. निशंक की उनसे भेंट हुई। एयरपोर्ट के ही लॉज में रमन सिंह, दुष्यंत गौतम और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत के साथ निशंक से चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष नेताओं के बीच यह चर्चा करीब 20 मिनट हुई। एयरपोर्ट पर ही शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और सुरेश राठौर ने भी रमन सिंह से भेंट की। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय पर्यवेक्षक रमन सिंह के साथ कोर कमेटी की बैठक नहीं हुई, बल्कि उन्होंने कोर कमेटी के सदस्यों से वन टू वन बातचीत की। कुछेक वरिष्ठ विधायकों को छोड़कर उनकी विधायकों से कोई बात नहीं हुई। वह तिलक रोड स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने संघ नेताओं से एक-एक करके फीड बैक भी लिया।

कोर कमेटी की बैठक खत्म होने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने चेहरा बदलने की अटकलों पर विराम लगाया। 13 विधायकों की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का एक विधायक भी नाराज नहीं है। ये सारी बातें मनगढ़ंत हैं। उनके मुताबिक, केंद्रीय पर्यवेक्षक 18 मार्च को सरकार के चार साल पूरे होने की तैयारियों का जायजा लेने आए थे। उन्होंने कहा कि ये सारी चर्चाएं मीडिया की उपज है।