पटना ब्यूरो
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद खबर यह है कि उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) में भी दरार आ गई है। आरएलएसपी के प्रदेश महासचिव विनय के नेतृत्व में पार्टी के 40 अन्य नेताओं ने एक साथ इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने का कारण बताते हुए विनय कुशवाहा ने आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर पार्टी को बेंच देने का आरोप लगाया है। इस्तीफा देने के साथ ही विनय कुशवाहा ने उपेंद्र कुशवाहा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी को बेंच दिया है। साथ ही कुशवाहा जाति को बरगलाने तथा बिहार में पार्टी से जुड़े हजारों युवाओं व पुराने कार्यकर्ताओं को धोखा देने व उनका भविष्य को खराब करने का भी आरोप लगाया। शनिवार को 41 नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा देकर रालोसपा से नाता तोड़ लिया। विनय कुशवाहा ने दावा किया कि अभी यह सिलसिला शुरू हुआ है। आने वाले दिनों में पार्टी के और नेता इस्तीफा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उपेन्द्र कुशवाहा ने कुशवाहा समुदाय को गुमराह किया। रालोसपा के 90 प्रतिशत कार्यकर्ता जदयू में विलय के पक्ष में नहीं हैं।

हालांकि इससे पहले बीते दिनों हुए पार्टी के नौंवे स्थापना दिवस पर रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के जदयू में विलय के प्रश्न को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि पार्टी अपना कार्यक्रम कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पार्टी कोलेजियम सिस्टम के विरुद्ध, शिक्षा के सवाल पर और किसानों-युवाओं के मुद्दे पर संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जनसरोकारों के मुद्दों पर सवाल उठाती रहेगी। वहीं पार्टी के प्रवक्ता धीरज सिंह कुशवाहा ने बताया कि आगे की रणनीति के लिए पार्टी के राष्ट्रीय व राज्य परिषद और जिला अध्यक्षों की बैठक 13 व 14 मार्च को बुलाई गई है।