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प्लाज्मा दान करने वाले पहले पदाधिकारी अजय तिवारी सहित चार कोरोना योद्धाओ को डीएम ने किया सम्मानित

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भभुआ/कैमूर(बंटी जायसवाल)। कोरोना से जंग जीत कर लौट चुके कोरोना योद्धाओं ने कोरोना से पीड़ित की जान बचाने के लिए अपनी प्लाज्मा को दान दिया है। ऐसे चार कोरोना योद्धाओं को कैमूर डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने गुरुवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में आमंत्रित कर सम्मानित किया। कैमूर जिले में प्लाज्मा डोनेट करने वाले पहले प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में डीआरडीए निदेशक अजय तिवारी बने। जिन्होंने कोरोना से जंग जीत कर अपनी प्लाज्मा को दान कर दूसरे के जीवन बचाने में अनूठा पहल किया है। इनके के साथ तीन और कोरोना योद्धाओं ने भी अपना प्लाज्मा डोनेट पटना में किया है। यह एक मिसाल पेश की गयी है। यह बातें कैमूर डीएम डॉ नवलकिशोर चौधरी ने कही।

उन्होंने कहा कि जिले के डीआरडीए निदेशक अजय तिवारी और उनका अंगरक्षक रोहित टोप्पो, दुर्गावती का एक कर्मचारी शंकर प्रसाद,सचिन प्रसाद ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया है। जिन्हें पुष्प माला पहनाकर माता मुंडेश्वरी की प्रतिमा के साथ उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। कैमूर डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि सबसे पहले हम डीआरडीए डायरेक्टर अजय कुमार तिवारी ,उनके बॉडीगार्ड मिहिर कुमार ,और उनके सहयोगी शंकर प्रसाद गुप्ता जो तीनों लोग हमारे प्रवासी मजदूर जब बिहार के बॉर्डर पर आ रहे थे उनके संपर्क में आने के बाद कोरोना से ग्रसित हुए। जब यह ठीक हुए तो ये आगे आये कि हम प्लाज्मा डोनेट करेंगे जिससे कि और लोगों की जान बचाई जा सके। हम उनके सोच को बधाई देते हैं। उनके इस प्रयास से लोगों का मनोबल ऊंचा उठेगा ऐसे पदाधिकारी को बधाई देता हूं।

आज शंकर प्रसाद जी ने जिनकी उम्र 50 से ऊपर है एक आह्वान पर प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हो गए, उनको धन्यवाद देता हूं। मैं आम जनता से अपील करता हूं यदि बिहार में कहीं भी किसी को जरूरत पड़ेगा तो हम कैमूर वासी उनका मदद कर सकेंगे। हर परिस्थितियों में हम लोग अच्छा काम किए हैं। बॉर्डर पर भी लोगों का सेवा किए हैं। कैमूर जिले में कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं जिसके प्रति सजग रहने की जरूरत है यह एक राहत भरी खबर है कि उन लोगों के बीच ठीक होने की संख्या भी बढ़ रहा है।

मास्क पहनना मैंडेटरी है।बिना मतलब का बाहर नहीं निकले।जरूरत हो तो मास्क पहनकर ही निकले। जितना भी कंटेनमेंट जोन है।उसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है।जिससे कि ना कोई उससे बाहर आ सके और ना ही अंदर जा सके। मेडिकल कंडीशन में लोगों को आने जाने का होगा। लोगों से आग्रह है कि सख्ती से लोग अनुपालन कराया जा सके।इस अवसर पर डीडीसी, सिविल सर्जन कैमूर, डीपीएम, सीनियर डिप्टी कलेक्टर अमरेश कुमार अमर भी उपस्थित रहे।

डीआरडीए डायरेक्टर अजय कुमार तिवारी ने बताया बहुत ही संतुष्टि प्लाज्मा डोनेट करने के बाद मिल रहा है। प्रशासनिक सेवा में होने के कारण लगातार लोगों के संपर्क में रहना है, सेवा करना है। मैं बिहार युपी बॉर्डर पर नोडल पदाधिकारी था। जो भी प्रवासी मजदूर आ रहे थे उस समय काफी व्यस्तता था। उनके सम्पर्क में आने से मैं संक्रमित भी हुआ। मैं आइसोलेशन में रहा फिर सही हो गया तो प्लाज्मा डोनेट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्लाज्मा डोनेट करने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। मैं सभी से अपील करना चाहता हूं वह आगे आए और लोगों के जान को बचाने में सहयोग करें ।

प्लाज्मा डोनेट करने वाले कोरोना योद्धाओं में कहा कि  प्लाज्मा दान करने से शरीर को किसी प्रकार की हानि नहीं होती। उन्होंने कहा कोरोना पॉजिटिव होने के बाद ठीक होने वाले लोगों से प्लाज्मा दान करने की अपील की।गौरतलब है कि कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के बाद ठीक होने के बाद जो प्लाज्मा दान किया जा रहा है। वह कोरोना पॉजिटिव के लिए जीवनदान साबित हो रहा है। इसलिए लोग दूसरे की जिंदगी बचाने के लिए प्लाज्मा डोनेट कर रहे है। 

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Author: nirbhiknazar

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