ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के नए सीएम होंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में ये फैसला लिया गया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के उत्तराखंड के सीएम पद से इस्तीफे के बाद अब यह चर्चा तेज थी कि राज्य का अगला सीएम आखिर कौन होगा। अब तीरथ सिंह रावत के नाम पर मोहर लग गई है। उत्तराखंड के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत सभी सांसद और विधायक बैठक में मौजूद रहे। देहरादून के बीजेपी ऑफिस में हुई बैठक में पूर्व सीएम रावत भी मौजूद रहे। आज शाम को 4:00 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा। पूरे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण आज ही होगा। विभागों का बंटवारा भी आज भी किया जाएगा। बताया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तीरथ सिंह रावत का नाम प्रस्तावित किया था। जिस पर पार्टी के सभी नेताओं ने अपना समर्थन दिया।

कौन हैं तीरथ सिंह रावत
तीरथ सिंह रावत, फरवरी 2013 से दिसंबर 2015 तक उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। वह चौबट्टाखाल से भूतपूर्व विधायक (2012-2017) हैं। वर्तमान में तीरथ सिंह रावत भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं। पौड़ी सीट से भाजपा के उम्मीदवार के अतिरिक्त 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था। तीरथ सिंह रावत वर्ष 2000 में नवगठित उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे। इसके बाद 2007 में भारतीय जनता पार्टी उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए। इसके बाद प्रदेश चुनाव अधिकारी और प्रदेश सदस्यता प्रमुख रहे। 2013 उत्तराखण्ड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे। वर्ष 2012 में चौबटाखाल विधान सभा से विधायक निर्वाचित हुए और वर्ष 2013 में उत्तराखण्ड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने।
राज्य के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे। इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे। यह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। वर्तमान में तीरथ सिंह रावत भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं। पौड़ी सीट से भाजपा के उम्मीदवार के अतिरिक्त 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था। सिंह ने पौड़ी सीट से 17 वें लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी बनाए गए थे, जिसमें वे भारी मतों से विजयी हुए थे। इन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को ढाई लाख से अधिक मतों से हराया था। जनपद पौड़ी से तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के पांचवें सीएम बने हैं। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पौड़ी जिले की धमक देखने को मिली है।

आरएसएस के प्रचारक भी थे तीरथ
इसके पहले वर्ष 1983 से 1988 तक वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रचारक रहे। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (उत्तराखण्ड) के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। तीरथ सिंह रावत के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र जीवन में ही हो गई थी। वह हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष और छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। 1997 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के सदस्य निर्वाचित हुए और विधान परिषद् में विनिश्चय संकलन समिति के अध्यक्ष बनाये गए। तीरथ सिंह रावत पौड़ी सीट से भारी मतों से लोकसभा का चुनाव जीते थे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मनीष खंडूड़ी को 2,85,003 से अधिक मतों से हराया था।

प्रदेश की बेहतरी के लिए करूंगा काम‘
सीएम पद के लिए अपने नाम की घोषणा होने के बाद भाजपा दफ्तर में तीरथ सिंह ने पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान वह थोड़ा भावुक भी दिखे। उन्होंने कहा, ‘मुझे जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी तरह से निभाऊंगा। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीएम रहते जो काम किए उन्हें मैं आगे बढ़ाने का काम करूंगा। प्रदेश की भलाई के लिए काम करूंगा।’