पटना ब्यूरो
सहरसा: आपने सुना होगा की बिहार मे शराब पर पाबंदी है। सरकार शराबबंदी कानून को लेकर सख्त है। लेकिन इसके अनुपालन की जिसपर जिम्मेवारी है वो खुद नशे में झूमते हुए पकड़ा गया। जी हाँ बिहार के सहरसा मे एक एएसआई शराब के नशे मे झूमता मिला। आपको बता दें बिहार के सहरसा जिले में शराब के नशे में झूमते एएसआई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोसी डीआईजी ने औचक निरीक्षण के दौरान सौरबाजार थाने में तैनात एएसआई ओमप्रकाश राम को शराब के नशे में पाया। ब्रेथ इनेलाइजर से जांच में पुष्टि होने के बाद एएसआई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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ये है पूरा मामला
मामला जिले के सौरबाजार थाना का है। जहां पदस्थापित एएसआइ ओमप्रकाश राम सोमवार की देर रात शराब के नशे में ड्यूटी करते कर रहे थे। बुधवार को जांच में शराब पीने की पुष्टि होने पर केस दर्ज कर पुलिस जेल भेजने की कार्रवाई में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार कोसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक प्रणव कुमार प्रवीण देर रात औचक निरीक्षण करने सौरबाजार थाना पहुंच गये। वहां ड्यूटी पर तैनात जमादार ओमप्रकाश राम के मुंह से शराब की बदबू आने पर डीआइजी ने तुरंत जांच कराने का निर्देश दिया। ब्रेथ एनलाइजर के अलावा अस्पताल में भी उसकी जांच कराई गई। जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सदर एसडीपीओ संतोष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार जमादार पर उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम के तहत सौरबाजार थाना में मामला दर्ज किया गया है। जबकि जमादार को जेल भेजने के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। न्यायालय के आदेश से जेल भेजा जाएगा।
लोगों के मुताबिक पकड़े गए पुलिस कर्मी पर पहले भी शराब पीने का आरोप लग चुके हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी थी। सोमवार की रात शराब के नशे में पकड़े जाने के बाद जांच के दौरान इसकी पुष्टि भी हो गई। वहीं, डीआईजी की इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। हालांकि इस मामले पर अब तक कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आम लोग भी दबी जुबान इसकी चर्चा कर रहे हैं।

जिस घर में मिलेगी शराब, वहां खुलेगा थाना
बिहार में शराब का कारोबार करने वाले माफियाओं पर सरकार का शिकंजा और कसेगा। बिहार में अब जिस मकान से शराब की खेप बरामद होगी, सरकार उसमें जरूरत के अनुसार पुलिस थाना खोलेगी। राजधानी पटना के एक गोदाम में बड़ी मात्रा में शराब बरामद की गई थी। वहां बाईपास थाना खोलकर राज्य सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है। यही नहीं, शराब माफियाओं की संपत्ति को जब्त कर उसे नीलाम भी किया जाएगा। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को और प्रभावी बनाने के लिए शराब माफियाओं पर मुकदमा दर्ज कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा।