ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार: मेला पुलिस-प्रशासन ने हरिद्वार महाकुंभ के पहले शाही स्नान पर अखाड़ों के साधु-संतों के स्नान का समय निर्धारित करते हुए रूट प्लान जारी कर दिया है। जूना अखाड़ा सबसे पहले तो महानिर्वाणी और श्री शंभु पंचायती अटल अखाड़े के संत आखिर में स्नान करेंगे। अखाड़ों के हजारों साधु-संत, नागा संन्यासी अपने-अपने निर्धारित रूट और समय पर शाही शान के साथ हरकी पैड़ी पहुंचेंगे। स्नान के क्रम में सबसे पहले श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा चलेगा और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि अगुवाई करेंगे। जूना अखाड़े के साथ ही पीछे श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़ा, श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा और किन्नर अखाड़े के संत चलेंगे।

अखाड़ों के रूट और समय
1 – जूना, आह्वान, अग्नि और किन्नर अखाड़ा (स्नान का समय : सुबह 11 बजे)
रूट : चारों अखाड़ों के संत सुबह दस बजे छावनी मायादेवी मंदिर से चलेंगे। अपर रोड, पोस्ट ऑफिस तिराहा, पालीवाल धर्मशाला, रामप्रसाद गली होकर सुबह 11 बजे हरकी पैड़ी पहुंचेंगे। स्नान के बाद 11:30 बजे ब्रह्मकुंड से प्रस्थान करेंगे। रामप्रसाद गली से पालीवाल धर्मशाला, पोस्ट ऑफिस तिराहा, अपर रोड से श्री जूना अखाड़े के संत छावनी मायादेवी मंदिर पर दोपहर 12.30 बजे लौटेंगे।
2 – श्री निरंजनी और श्री आनंद अखाड़ा (स्नान का समय : दोपहर एक बजे)
रूट : दोनों अखाड़ों के साधु-संत और महंत श्री निरंजनी अखाड़े से सुबह 11 बजे निकलेंगे। तुलसी चौक, कैलाश होटल, शिवमूर्ति तिराहा होकर ललतारौ पुल (वाल्मीकि चौक) पहुंचेंगे। इनका जुलूस तब तक वाल्मीकि चौक पर ही रुकेगा, जब तक कि जूना, आह्वान, अग्नि और किन्नर अखाड़े के संतों की अंतिम कतार छावनी में प्रवेश नहीं कर जाएगी। इसके बाद श्री निरंजनी और आनंद अखाड़े का जुलूस वाल्मीकि चौक से हरकी पैड़ी की तरफ चलेगा और दोपहर एक बजे हरकी पैड़ी पहुंचेगा। हरकी पैड़ी पर 1.30 बजे तक स्नान करेगा। ब्रह्मकुंड से 1.30 बजे उसी मार्ग से दोपहर 2.30 बजे अपनी छावनी में प्रवेश करेगा।
3 – श्री महानिर्वाणी और श्री अटल अखाड़ा (स्नान का समय : अपराह्न चार बजे)
रूट : दोनों अखाड़ों का जुलूस दोपहर 1.30 बजे कनखल स्थित छावनी से चलेगा। 2.15 बजे डामकोठी पहुंचेगा और डामकोठी के सामने सड़क पर तब तक रुका रहेगा, जब तक कि श्री निरंजनी और आनंद अखाड़ों के संतों की आखिरी लाइन तुलसी चौक से निरंजनी अखाड़े की छावनी की ओर नहीं मुड़ जाती। इसके बाद श्री महानिर्वाणी और श्री अटल अखाड़ों का जुलूस डामकोठी पुल पार कर शिवमूर्ति की तरफ से वाल्मीकि चौक होकर अपराह्न 4.00 बजे ब्रह्मकुंड पहुंचेगा। हरकी पैड़ी पर 4.30 बजे तक स्नान होगा। उसी मार्ग से वापसी कर संत 5.30 बजे अपनी छावनी में प्रवेश करेंगे।