ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: हाई कोर्ट ने देहरादून में सहस्रधारा रोड किनारे नदी-नालों व तालाब-पोखरों पर अतिक्रमण कर भूमि परिवर्तन के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर एमडीडीए से चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट ने पूछा है कि भूमि की श्रेणी का परिवर्तन क्यों और किसकी देखरेख में किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जानी है। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद नियत की गई है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई।

देहरादून निवासी अजय नारायण ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि देहरादून की सहस्रधारा सड़क किनारे, नदी, नालों, खालों और बंजर भूमि में अतिक्रमण कर भूमि परिवर्तित की जा रही है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। याचिकाकर्ता ने अतिक्रमण हटाने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।