ब्यूरो रिपोर्ट
हरिद्वार: तीर्थनगर के कई घाटों पर महाशिवरात्रि पर्व और महाकुंभ के पहले शाही स्नान पर लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं देर रात से हाईवे जाम हैं और श्रद्धालु पैदल गंगा घाटों पर पहुंचे। सुबह तड़के से ही हरकी पैड़ी पर जबरदस्त भीड़ लगी थी । श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाकर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। संतों का स्नान शुरू होने पर हरकी पैड़ी के घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया था। तों के स्नान से पहले सुबह करीब सात बजे हरकी पैड़ी घाट खाली करवा दिया गया। सुबह 11 बजे से अखाड़ों के संतों ने स्नान करना शुरू किया। श्रद्धालु हरकी पैड़ी क्षेत्र छोड़कर अन्य घाटों पर स्नान कर रहे हैं।सबसे पहले जूना अखाड़ा के संतों ने स्नान किया। आह्वन अखाड़ा स्नान के लिए हरकी पैड़ी पहुंचा। इसके बाद आह्वान अखाड़े और फिर किन्नर अखाड़े ने शाही स्नान किया।

एक अप्रैल से शुरू होगा कुम्भ
कुंभ की शुरुआत एक अप्रैल से होगी, लेकिन गुरुवार को पहले शाही स्नान के लिए कोविड से बचाव की कुंभ मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू हो गई है। एसओपी कल तक लागू रहेगी। इसके अंतर्गत हरिद्वार आने वाले हर व्यक्ति को कुंभ मेला पोर्टल पर पंजीकरण और 72 घंटे पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लानी है। एसओपी लागू होने की अवधि से पहले हरिद्वार आकर होटलों, धर्मशाला और आश्रमों में ठहरने वाले लोगों की भी कोविड जांच की जा रही है। बॉर्डर और मेला क्षेत्र में 40 टीमें कोविड की रैंडम जांच भी हो रही है। मेलाधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी रविशंकर और आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने जिला, मेला पुलिस-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर एसओपी का कड़ाई से पालन कराए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मेला नियंत्रण भवन सभागार में आयोजित बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि कोविड-19 से बचाव बड़ी चुनौती है।

पहली बार हरिद्वार कुंभ में शामिल हुआ किन्नर अखाड़ा
किन्नर अखाड़ा पहली बार हरिद्वार कुंभ में शामिल हुआ है। शाही स्नान के लिए उत्तराखंड पुलिस के बैंड ने नमो शिवाय की धुन बजाकर साधुओं का स्वागत किया। हर की पौड़ी पर आज सिर्फ साधु-संत ही स्नान कर रहे हैं। रथों पर सवार होकर अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर और महामंडलेश्वर हरकी पैड़ी पहुंचे। शाम 6:30 बजे दसनामी सन्यासी अखाड़ों के साधु संत महामंडलेश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ने स्नान किया।

मुख्यमंत्री हरकी पैड़ी पर पहुंचे
श्री निरंजनी और आनंद अखाड़े का जुलूस वाल्मीकि चौक से हरकी पैड़ी की तरफ चला और दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर हरकी पैड़ी पहुंचा। जिसके बाद संतों ने गंगा स्नान किया। इस दौरान कुछ संतों के हाथों में तिरंगा झंडा भी दिखाई दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत निरंजनी और आनंद आखड़ा के संतों के स्नान के बीच हरकी पैड़ी पर पहुंचे। उन्होंने संतों पर फूल बरसाए और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने मां गंगा से प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। शाही स्नान पर पहुंचे साधु-संतों और श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया।

श्रीमहंत हरि गिरि नहीं कर पाए आज शाही स्नान
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि संन्यासियों के साथ महाकुंभ का पहला शाही स्नान नहीं कर पाए। स्नान की तैयारियां पूरी करवाने के बाद वह महाशिवरात्रि मनाने गुजरात के जूनागढ़ पहुंचे हैं। 14 मार्च को वह हरिद्वार पहुंच जाएंगे।