ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून: उत्तराखंड में सीएम बने तीरथ सिंह रावत के मंत्रिमण्डल का विस्तार होने के बाद देर शाम हुई कैबिनेट की पहली ही बैठक में उन्होंने लोगों को बड़ी राहत देने का काम किया है। इसमें उन्होंने कोरोना संकट के दौरान लाकडाउन में लोगों पर दर्ज किये गये मुकदमों को वापस लेने के लिए फैसला किया है। दो दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया, मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही सीएम रावत ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज अपनी कैबिनेट की पहली मीटिंग की ओर इसमें कोरोना के दौरान लागू हुए लाकडाउन के नियमों के उल्लंघन करने के संबंध में दर्ज सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया।

कोविड-19 और लॉक डाउन तोड़ने के मामलों में पुलिस और कचहरी के चक्कर लगा रहे लाखों लोगों को जल्घ्दी इन चक्घ्करों से छुटकारा मिल जाएगा। तीरथ सिंह रावत की सरकार का मानना है कि कोविड के मुकदमों से आम लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ेगी। थानों में दर्ज मुकदमें वापस होने के बाद लोगों को परेशानी से भी मुक्ति मिल जाएगी।इसके साथ ही तीरथ सिंह रावत कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि वर्ष 2016 के बाद बनाए गए विकास प्राधिकरणों को लेकर निर्णय हुआ कि उससे पूर्व की स्थिति बनी रहेगी और प्राधिकरणों का मानचित्र स्वीकृत करने का अधिकार स्थगित रहेगा। इस संबंध में मंत्रिमंडल की एक उपसमिति बनाई गई है जिसके अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत होंगे।
आज कैबिनेट की पहली बैठक की। मंत्रिमंडल ने लॉकडाउन अवधि के दौरान एपिडेमिक एक्ट व आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत प्रदेश भर में दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है। pic.twitter.com/F0unvlchvu
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) March 12, 2021