पटना ब्यूरो
पटना: बिहार विधानसभा में आज बजट सत्र का आज 15वां दिन था । इस दौरान विधानमंडल में जमकर बवाल हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही मुजफ्फरपुर शराब मामले को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आपस में भिड़ गए और एक दूसरे से गाली-गलौज करने लगे। मामला इतना बिगड़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई और दोनों पक्ष के सदस्य धक्कामुक्की करने लगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक संजय सरावगी, भाजपा के मुख्य सचेतक डॉ. संजीव और उप सचेतक जनक सिंह और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) विधायक रामवृक्ष सदा एक दूसरे से भीड़ गए और हाथापाई करने लगे। इस दौरान आरजेडी के अन्य सदस्य भी सत्ता पक्ष की तरफ आ गए और लड़ने लगे। हाथापाई के दौरान विपक्षी सदस्यों ने रिपोर्टर टेबल को भी पटक दिया।

बिहार विधानसभा में लोकतंत्र की सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी गईं विधानसभा की दूसरी पाली की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आपस में ही भिड़ गए। इसके बाद मार्शल को हस्तक्षेप करना पड़ा। विधानसभा में हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दोनों ओर से जमकर शोर-शराबा हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

आरजेडी विधायक रामवृक्ष सदा का आरोप है कि जाति सूचक शब्द ‘मुशहर’ कह कर बुलाया गया। हमारे साथ गाली-गलौज किया। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों पर हरिजन एक्ट के तहत केस करेंगे। आरजेडी विधायक रामवृक्ष का कहना है ‘सत्ता पक्ष की ओर से मेरे खिलाफ जातिगत टिप्पणी की गई। अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। मैं प्रोटेस्ट कर रहा था और उसके बाद सत्ता पक्ष के लोग आक्रमक हो गए। मामले को मैं कोर्ट तक ले जाऊंगा। महिला विधायकों ने भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोग महिला विधायकों के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे’।
#WATCH | Ruckus ensued in Bihar Assembly after Leader of Opposition Tejashwi Yadav demanded resignation of State Minister Ram Surat Rai over alleged recovery of illicit liquor from a school run by Rai's brother. pic.twitter.com/hqNUo5bCkf
— ANI (@ANI) March 13, 2021
दरअसल, विवाद राजद विधायक रामवृक्ष सदा और भाजपा के मुख्य सचेतक जनक सिंह के बीच नोकझोंक से विवाद शुरू हुआ, फिर दोनों और के सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख मार्शल ने माननीयों को अलग किया।