Nirbhik Nazar

दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर बन रहे पक्के मकान, लंबा चलेगा किसान आंदोलन, चुनाव में बीजेपी के खिलाफ प्रचार कर रहे किसान

ब्यूरो रिपोर्ट

दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसानों का आंदोलन पिछले 108 दिनों से जारी है। किसान केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए कृषि कानून के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कानून बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसानों के इस आंदोलन को हालांकि विपक्ष का भी समर्थन मिला हुआ है, लेकिन अभी तक किसी तरह के नतीजे पर नहीं पहुंचा है। सरकार जहां इस कानून को किसानों के पक्ष ने ऐतिहासिक बता रही है। वहीं किसान संगठनों ने इसे किसानों के खिलाफ काला कानून करार दिया है। इन सब के बीच एक बात तो तय हो गई है कि ये आंदोलन अब लंबा चलेगा। यह इसलिए कि किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर अब पक्के मकान बनाना शुरू कर दिए हैं।

किसान बीजेपी के खिलाफ वोट देने की अपील कर रहे हैं। किसान नेताओं का कहना कि है कि भाजपा का बहिष्कार करके सरकार का घमंड तोड़ा जाए। विभिन्न किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के किसानों और अन्य लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने का अनुरोध किया। मोर्चा ने कहा कि चुनावी हार केंद्र की भाजपा नीत सरकार को तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर करेगी। एसकेएम नेता योगेंद्र यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हम किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं कर रहे हैं या लोगों से यह नहीं कर रहे हैं वे किसे वोट दें लेकिन हमारी एकमात्र अपील है कि भाजपा को सबक सिखाया जाए।’ बंगाल पहुंचे किसान नेता 294 विधानसभा क्षेत्रों में अपने दूतों के जरिए लोगों से संपर्क करेंगे और ट्रैक्टर यात्रा करेंगे और लोगों से बीजेपी के खिलाफ वोट देने की अपील करेंगे।  भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत बलबीर सिंह राजेवाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, योगेंद्र यादव जैसे नेता बंगाल पहुंच चुके हैं।

किसान आंदोलन से जुड़े लोग रहेंगे पक्के मकानों मे !

दिल्ली की सिंधु बॉर्डर पर जारी पक्के मकानों का काम इस बात की पुष्टि कर रहा है कि अब ये आंदोलन लंबा चलेगा। प्रदर्शनकारी किसानों के लिए बनाए जा रहे इन पक्के मकानों की फोटो अब सामने आ गई है, जहां किसान धूप और बारिश से बचकर अपने आंदोलन में डटकर खड़े रहेंगे और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर सकेंगे। किसान संगठन की ओर से यहां निर्माण कार्य की सारी चीजें मुहैया कराई जा रही है। सरकार के कृषि कानून की खिलाफत करते हुए किसान संगठनों ने 26 नवंबर 2020 को आंदोलन का आगाज किया था, जो अब तक 108 दिन पूरे हो चुके हैं। हालांकि इस दौरान किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों के बीच 12 दौर की वार्ता भी हुई, लेकिन सब की सब बेनतीजा रही। जहां पहले किसान टैंट और ट्रैक्टर की ट्रॉलियों में गुजर-बसर कर रहे थे। अब उन्होंने पक्क मकानों की तैयारी कर ली है। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर इलाकों पर सीमेंट, बजरी और ईंटों से स्थानी आवास का काम चल रहा है, जिससे आने वाले वक्त में दिल्ली की गर्मी में किसान के सिर पर छत की व्यवस्था हो सकें।

एसी भी लगेंगे मकानो मे

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष जीत सिंह राय के मुताबिक किसानों को गर्मी से बचाने के लिए विरोध स्थल पर घर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इन कमरों में एसी लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि स्थानीय एसएचओ ने उच्च अधिकारियों के दबाव में आकर कल निर्माण कार्य को रोकने की भी कोशिश की। किसान नेताओं की मानें तो हाईवे पर पक्के निर्माण कर किसान नेताओं ने ऐलान कर दिया है कि यहां प्लॉट बनाकर ज्यादा से ज्यादा पक्के निर्माण किए जाएंगे।

आपको बता दें कि सरकार के खिलाफ किसान नेता आर-पार की लड़ाई के मूड में है। किसान नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया था कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होगा, वो धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। इसके अलावा किसान नेता देशभर में किसान महापंचायत का आयोजन भी कर रहे है, जिससे किसानों को एकजुट कर सके। हालांकि सरकार भी किसानों से दोबारा वार्ता के लिए कई बार कह चुकी हैं, लेकिन संगठन कृषि कानून को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग पर अड़ा हुआ है।

nirbhiknazar
Author: nirbhiknazar

Live Cricket Score
Astro
000000

Live News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *