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चारधाम यात्रा के लिए तैयार परिवहन विभाग, चलाई जाएंगी 125 रोडवेज बसें, यात्रियों को मिलेंगी सहूलियतें

देहरादून: चारधाम में उत्तराखंड परिवहन विभाग भी यात्रियों को सुविधा मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में उत्तराखंड परिवहन विभाग ने परिवहन निगम की 125 बसों को चारधाम यात्रा रूट पर तैनात करने का निर्णय लिया है. ताकि, चारधाम आने वाले यात्रियों को सहूलियत मिल सके. वहीं, दूसरी ओर ट्रैफिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है. साथ ही सभी वाहन जो भी चारधाम यात्रा रूट पर संचालित होंगी, उन सभी वाहनों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी परिवहन निगम के पास रहेगी.

30 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा 2025

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2025 आगामी 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो रही है. जिसके चलते चारधाम से संबंधित विभाग तैयारियों में जुटी हुई है. इसी कड़ी ने परिवहन विभाग भी तैयारियों में जुटा है. ताकि, चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को परिवहन संबंधित दिक्कतों का सामना न करना पड़े.

चारधाम यात्रा में चलाई जाएंगी 125 रोडवेज बसें

आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर परिवहन निगम 125 बसों को चारधाम यात्रा रूट पर संचालित करने का निर्णय लिया है. ऐसे में इन बसों का ग्रीन कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है. ताकि, इन बसों को यात्रा रूट पर संचालित किया जा सके. हालांकि, ये बसें कॉन्ट्रैक्ट कैरिज परमिट पर चलाई जाएंगी.

साल 2024 में चारधाम यात्रा में पहुंचे 5 लाख 20 हजार वाहन

हर साल चारधाम यात्रा के दौरान लाखों निजी और कमर्शियल वाहनों का आवागमन होता है. पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, साल 2023 में चारधाम यात्रा के दौरान 5,68,459 वाहन चारधाम पहुंचे थे. वहीं, साल 2024 के दौरान करीब 5 लाख 20 हजार वाहन पहुंचे थे, लेकिन अभी चारधाम की यात्रा शुरू नहीं है.

जबकि, यात्रा के लिए हो रहे रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों के अनुसार, 28 मार्च 2025 की शाम तक 10,783 निजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है. जिसके जरिए श्रद्धालु धामों के दर्शन करने जाएंगे. हालांकि, अभी कमर्शियल वाहनों का ग्रीन कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल चारधाम यात्रा के दौरान धामों में आने वाले वाहनों की संख्या का आंकड़ा 6 लाख के पार हो सकता है.

साल 1968 में पहली बार बदरीनाथ में पहुंची थी बस: बता दें कि साल 1968 में पहली बार बदरीनाथ में बस पहुंची थी. उस दौरान बदरीनाथ धाम में हर यात्रा सीजन के दौरान करीब 60 हजार लोग यात्रा करते थे. इसके साथ ही साल 1969 में गंगोत्री तक मोटर मार्ग बने और साल 1987 में भैरों घाटी का पुल बनने के बाद अचानक गंगोत्री में वाहनों एवं यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा.

साल 2020 से चारधाम यात्रा पर रोडवेज बसों का संचालन हुआ था शुरू

चारधाम यात्रा मार्गों पर परिवहन निगम की बसों का संचालन पहली बार कोरोना काल यानी साल 2020 से शुरू की गई थी. क्योंकि, उस दौरान बसों में यात्री क्षमता को 50 फीसदी कर दिया गया था. जिसके चलते निजी बस ऑपरेटरों ने हाथ खड़े कर दिए थे. जिसके बाद से ही परिवहन निगम यात्रा रूटों पर रोडवेज की बसों को संचालित कर रहा है. इसी कड़ी में चारधाम यात्रा 2025 के दौरान भी यात्रा रूटों पर परिवहन निगम ने 125 बसें संचालित करने का निर्णय लिया है.

क्या बोलीं उत्तराखंड परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी

वहीं, उत्तराखंड परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी ने बताया कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर परिवहन निगम की तैयारियां पूरी है. इस बार भी चारधाम यात्रा रूट पर निगम की बसों का संचालन किया जाएगा. फिलहाल, यात्रा रूट पर 125 बसों को लगाया जाएगा, लेकिन अगर यात्रियों की आवाजाही के लिए परिवहन विभाग को बस की जरूरत होगी तो परिवहन विभाग को भी बसें उपलब्ध कराई जाएगी.

रिजर्व में रखे जाएंगे कुछ बसें

इसके साथ ही ऋषिकेश, हरिद्वार और श्रीनगर डिपो में अतिरिक्त मैन पावर के साथ ही जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे. इतना ही नहीं 125 बसों के अलावा भी कुछ बसों को रिजर्व में भी रखा जाएगा. ताकि, कोई बस खराब हो जाती है तो यात्रियों को किसी अन्य बस से भेजा जा सके.

परिवहन विभाग की मानें तो चारधाम यात्रा रूट पर अभी फिलहाल 125 बसों को संचालित की जाएगी. इन बसों का परिवहन विभाग से परमिट जारी करने के साथ ही ग्रीन कार्ड बनाए जाने के लिए प्रक्रिया और तैयारियां चल रही है. प्रदेश के तीनों मंडलों से बसों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें यात्रा रूट पर संचालित किया जाएगा. देहरादून मंडल से 59 बसें, नैनीताल मंडल से 41 बसें और टनकपुर मंडल से 25 बसों का संचालन किया जाएगा.

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Author: nirbhiknazar

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