पटना ब्यूरो
पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान सोमवार को सदन के अंदर व बाहर जमकर हंगामा हुआ। उधर, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने अपने कक्ष में शराबबंदी पर सर्वदलीय बैठक बुलाई, जो बेनतीजा रही। बिहार में शराबबंदी को लेकर सोमवार को बुलाई गई विधानसभा के सभी दलों की बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, कांग्रेस विधायक दल के नेता व भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा, माले नेता महबूब आलम समेत अन्य उपस्थित थे।

बैठक में विपक्षी दलों ने बिना किसी नतीजे के समाप्त होने का आरोप लगाया। बैठक के दौरान तेजस्वी ने अपने सवाल का जवाब नही होने का हवाला दिया। इस दौरान उन्होंने मंत्री प्रमोद कुमार से बोला कि कैसे आपको मंत्री बना दिया गया। तेजस्वी की इन बातों से सत्तापक्ष गरमा गया। वहीं बैठक समाप्त होने के बाद माले नेता महबूब आलम ने कहा कि बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शराबबंदी के मुद्दे पर सदन में बहस कराना नहीं चाहती है। ऐसे में हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
बैठक मे राज्य में अवैध शराब की बिक्री रोकने को लेकर सदन में हो रहे हंगामे पर चर्चा की गई। मंत्री रामसूरत राय के भाई के स्कूल कैंपस से शराब की बरामदगी का मामला भी उठा। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के सुचारू संचालन के लिए आम सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। विपक्ष सदन में चर्चा पर अड़ा रहा तो सत्ता पक्ष इसके लिए राजी नहीं हुआ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के विधायक महबूब आलम ने कहा कि सर्वदलीय बैठक से फेल रही। सरकार शराबबंदी पर बहस कराना नहीं चाहती है। वह अपने मंत्री रामसूरत राय को बचाना चाहती है।