ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: चारधाम यात्रा को लेकर सीएम तीरथ सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल तक यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर दी जाएं। सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक महीने मे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। सीएम स्वयं 15 दिन में कार्यों की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। इसके लिए वे स्वयं कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होने कहा कि सभी सचिव भी समय समय पर अपने विभागों की कार्य प्रगति का स्थलीय निरीक्षण करें। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल उससे अवगत कराया जाए। समस्याओं का उचित समाधान निकाला जाएगा।

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के चारधाम देश एवं दुनिया की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। चार धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। ऐसे में यात्रा मार्गों और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भी सड़क से सबंधित कार्य तय समय पर पूरे किए जाएं। यात्रा को सुविधाजनक बनाने को यात्रा मार्गों पर पेयजल, स्वच्छता, साइनेज एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर वाटर एटीएम की व्यवस्था को जल्द कार्ययोजना बनाई जाए। यात्रा मार्गों पर पानी के टैंकर की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, दिलीप जावलकर, नितेश झा, राधिका झा, पंकज पाण्डेय, कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रमन, डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग समेत वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारी एवं संबधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
आज सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 अप्रैल तक यात्रा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाए। व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। pic.twitter.com/fSyuz0yFC9
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) March 15, 2021
सीएम ने यात्रा सीजन में यात्रा मार्गों एवं धामों में स्वास्थ्य सुविधाओं के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी किए जाने के निर्देश दिए। यात्रा के दौरान हेली एंबुलेंस सेवा एवं 108 एबुंलेंस की समुचित व्यवस्था हो। केदारनाथ एवं यमुनोत्री में ईसीजी एवं कार्डियोलॉजिस्ट की समय पर तैनाती की व्यवस्था की जाए। ऑक्सीजन, आईसीयू एवं वेंटिलेटर की भी पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय।