ब्यूरो रिपोर्ट
देहारादून: पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने आंदोलनरत उपनल कर्मचारियों के समर्थन में ये चेतावनी दी है की अगर सरकार ने उपनल कर्मचारियों को बर्खास्त करने का कदम उठाया तो वो इसका पूरी ताकत से विरोध करेंगे। उन्होने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है की वो 18 मार्च को उपनल कर्मचारियों के समर्थन में उपवास रखेंगे। उपनल कर्मचारी लंबे अरसे से आंदोलन कर रहे हैं।

आगे हरीश रावत ने अपनी फेसफुक वाल पर लिखा है “आज बहुत ही चिंता बढ़ाने वाला समाचार देखा कि राज्य सरकार, उपनल कर्मचारियों को जो आंदोलनरत है, उन्हें बर्खास्त करने पर विचार कर रही रही हैं। माननीय श्री तीरथ सिंह जी खबरदार, यदि आपने ऐसा कदम उठाया तो इस कदम का हम प्राण देकर के भी विरोध करेंगे। 18 मार्च, 2021 को उपनल कर्मियों के न्यायपूर्ण संघर्ष के पक्ष में मैं अपने आवास पर 1 घंटे का उपवास भी रखूंगा और यह उपवास, राज्य सरकार के लिये एक अग्रिम चेतावनी के रूप होगा कि यदि आपने उपनल कर्मियों, हमारे अंशकालिक जिनको अतिथि शिक्षक कहा गया है, अतिथि शिक्षक आदि के साथ छेड़छाड़ की और उनको न्याय प्रदान नहीं किया तो कांग्रेस इस आंदोलन को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ायेगी।“
समान कार्य के बदले समान वेतन और नियमितीकरण की इन कर्मचारियों की मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी इन कर्मचारियों को समर्थन दे चुकी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बीते दिनों इन कर्मचारियों के आंदोलन में शिरकत की थी। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इनके समर्थन में आ डटे हैं। इंटरनेट मीडिया पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे उपनल कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर विचार करने की जानकारी मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को चेतावनी दी कि सरकार ने ऐसा कदम उठाया तो इसका प्राण देकर भी विरोध किया जाएगा।