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BKTC के नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर कांग्रेस के सवाल, लैंड फ्रॉड का उठाया मुद्दा, हेमंत ने भी दिया जवाब 

देहरादून: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि आखिर भाजपा सरकार की क्या मजबूरी है कि वो बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति जैसे गरिमामय संस्थान के अध्यक्ष के चयन में गलती कर रही है. वहीं, कांग्रेस के सवालों पर हेमंत द्विवेदी का जवाब भी आया है.

कांग्रेस ने उठाए नियुक्ति पर सवाल

सोमवार को देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए गरिमा दसौनी ने कहा कि बीकेटीसी के अध्यक्ष का पद बहुत समय से खाली चल रहा था. समय रहते इस पद पर नियुक्ति हो जानी चाहिए थी. यात्रा और चारों धामों के कपाट खोलने की तिथि की भी औपचारिक घोषणा हो चुकी थी, लेकिन बीकेटीसी के अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाया था. यात्रा प्रारंभ होने के बाद आनन-फानन में राज्य सरकार ने बीकेटीसी के अध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों की घोषणा की. ऐसे में यह समझ से परे है कि आखिर बीकेटीसी में दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति क्यों चाहिए? क्योंकि दो उपाध्यक्ष मतलब है राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ.

वहीं, नवनियुक्त बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर सवाल उठाते हुए दसौनी ने कहा कि पूरे उत्तराखंड में धामी सरकार को बीकेटीसी के अध्यक्ष के रूप में हेमंत द्विवेदी ही सबसे काबिल दिखाई पड़े, जिनकी निशंक सरकार में तराई बीज निगम के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति ही विवादास्पद रही और द्विवेदी के ऊपर करोड़ों के घोटाले के आरोप लगे. दसौनी ने बताया कि हल्द्वानी निवासी जगमीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक नैनीताल को शिकायती पत्र लिखकर हेमंत द्विवेदी द्वारा अपने साथ हुए फ्रॉड का मामला दर्ज कराया है.

कांग्रेस ने बताया ये केस

कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मामला 2020 का है, जब जगमीत सिंह को हेमंत द्विवेदी की धर्मपत्नी विजया द्विवेदी के नाम दर्ज एक प्लॉट दिखाया गया. डील 6 करोड़ में तय हुई. रजिस्टर्ड एग्रीमेंट भी हुआ. अलग-अलग तारीखों में जगमीत ने हेमंत द्विवेदी के बताए गए अकाउंट में करोड़ों रुपए जमा भी किए, लेकिन रजिस्ट्री के दिन हेमंत द्विवेदी नहीं आए. उसके बाद से लगातार संपर्क करने की कोशिशों के बावजूद जगमीत सिंह, हेमंत द्विवेदी से संपर्क नहीं कर पाए. फिर जगमीत सिंह ने पुलिस निरीक्षक नैनीताल को सारा मामला और कागजात सौंपे. लेकिन हेमंत द्विवेदी की ऊंची पहुंच के कारण आज 5 साल बाद भी जगमीत को न्याय नहीं मिल पाया है.

गरिमा ने कहा कि यह उत्तराखंड राज्य का दुर्भाग्य ही है कि हमारे धामों की गरिमा, परंपरा और मान्यता के अनुसार मंदिर समिति को अध्यक्ष नहीं मिल पाता. सरकार को आढ़े हाथों लेते हुए दसौनी ने कहा कि जितना ऊंचा हमारे केदारनाथ और बदरीनाथ का नाम और महत्व है, उसके समिति के अध्यक्ष का भी उतना ही ऊंचा चाल, चरित्र और चेहरा होना चाहिए था.

हेमंत द्विवेदी ने दिया जवाब

वहीं, इन तमाम आरोपों पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पर जवाब दिया है. द्विवेदी का कहना है कि पूरी तरह से षड्यंत्र के तहत उनकी छवि खराब की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि यदि उनके खिलाफ कोई मामला था तो वो अचानक आज सामने कैसे आया?

कांग्रेस के आरोपों पर हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेंगे और उनके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, कानूनी तरीके से उनका जवाब देंगे. उनकी जो छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी.

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Author: nirbhiknazar

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